महासमुंद. भाजपा के नवनियुक्त जिला महामंत्री प्रदीप चन्द्राकर ने कहा है कि 11 माह पूर्व विधानसभा चुनाव में किसान हितैषी होने का दंभ भर रही प्रदेश की कांग्रेस सरकार की झूठ और छलावे की राजनीति सामने आ गई है. उन्होने भूपेश सरकार के 1815 रुपए में धान खरीदी करने के निर्णय पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों की भावनाओं से यह निर्णय खिलवाड़ है. अपने चुनावी घोषणापत्र में कांग्रेस ने सीधे तौर पर माटीपुत्र किसानों की धान की फसल की खरीदी 2500 रुपए में करने का ऐलान किया था. प्रदेश के किसानों को धान खरीदी की यह राशि तत्काल दी जानी चाहिए थी. इस वायदे से मुकरते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 1815 और 1835 रुपए में
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धान खरीदी का निर्णय लेकर बाकी की राशि किसानों को देने के स्थान पर मंत्रियों की समिति पर छोड़कर प्रदेश के किसानों के साथ घिनौना मजाक किया है. पूरी तरफ कर्ज में लद चुकी प्रदेश की कांग्रेस सरकार धान खरीदी की स्थिति में न होने के कारण बार-बार अपने बयानों से पलट रही है. एक ओर धान खरीदी की तिथि बढ़ाए जाने से किसान भाईयों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है. फसल कट जाने के पश्चात उसे सुरक्षित रखने में अतिरिक्त व्यय वहन किसानों को करना पड़ रहा है. वहीं दूसरी तरफ अब धान की सही कीमत के लिए राह ताकना पड़ेगा. पूर्व में शराबबंदी के निर्णय पर समिति गठित करने में फेल हो चुकी भूपेश सरकार इस बार धान के मूल्य के लिए समिति गठित कर रही है जो किसानों से किए गए वायदों के साथ प्रत्यक्ष रूप से खिलवाड़ है. ढाई हजार रुपए में धान खरीदी की अंतर राशि के लिए भूपेश सरकार की गठित समिति का हश्र भी शराबबंदी के लिए बनाई गई समिति के जैसा ही होगा. प्रदेश की जनता से हाथों में गंगाजल लेकर घोषणापत्र जारी करने वाली कांग्रेस की सरकार आज तक पूरे किसानों का कर्जा माफ नहीं कर पाई है. धान खरीदी के लिए नीति और नीयत भी साफ नहीं है.
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