रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने प्रदेश में धान ख़रीदी की मियाद नहीं बढ़ाने के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के ऐलान पर प्रदेश सरकार की घेराबंदी की. उन्हो ने कहा कि इस ऐलान के बाद प्रदेश की कांग्रेस सरकार का घोर किसान विरोधी चरित्र बेनक़ाब हो गया है और सरकार ने आख़िरकार अपनी उस बदनीयती पर ख़ुद ही मुहर लगा दी, जिसकी आशंका जताते हुए भाजपा लगातार कह रही थी कि प्रदेश सरकार किसानों का पूरा धान ख़रीदने की मंशा नहीं रखती. श्री उसेंडी ने कहा कि किसानों को धान ख़रीदी के नाम पर ख़ून के आँसू रुलाने वाली सरकार ने धान ख़रीदी की मियाद नहीं बढ़ाने का ऐलान करके अपने निकम्मेपन का ही परिचय दिया है.
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श्री उसेंडी ने कहा कि खाद्य मंत्री का यह ऐलान किसानों के साथ दग़ाबाज़ी का प्रदेश सरकार द्वारा लिखा गया काला अध्याय है और कांग्रेस को इस दग़ाबाज़ी की समय पर भारी क़ीमत तो चुकानी ही पड़ेगी. उन्होने प्रदेश सरकार पर सवाल दागा कि क्या वह त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव का इंतज़ार कर रही थी. पंचायत चुनाव निपटते ही प्रदेश के खाद्य मंत्री ने धान ख़रीदी की मियाद नहीं बढ़ाने की बात कहकर अपनी सरकार को झूठा साबित करने का काम भी किया है. श्री उसेंडी ने कहा कि पंचायत चुनावों के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान ख़रीदी की समय-सीमा बढ़ाने की बात कही थी तो अब मुख्यमंत्री को यह सफ़ाई देनी ही होगी कि उनके वादे के बावजूद उनकी सरकार के मंत्री किस आधार पर समय-सीमा नहीं बढ़ाने की बात कह रहे हैं. मुख्यमंत्री यह भी स्पष्ट करें उनका मियाद बढ़ाने का वादा क्या गंगाजल की क़सम की तरह झूठा था और क्या पंचायत चुनावों के मद्देनज़र उन्होंने एक बार फिर किसानों के साथ छलावा करने की धृष्टता नहीं की है. और, यदि खाद्य मंत्री का ऐलान सरकार का अधिकृत बयान है तो मुख्यमंत्री ख़ुद ही साफ-साफ यह प्रदेश को बताएं कि वे या उनके खाद्य मंत्री में कौन किसानों को झूठ बोलकर ठगने पर आमादा है?
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