बलौदाबाजार/कसडोल. बिलाईगढ़ थाना प्रभारी सरजू प्रसाद धृतलहरे के अचानक स्थानांतरण आदेश से क्षेत्रवासियों में आक्रोश देखा जा रहा है. स्थानांतरण के विरोध में सोमवार को महिलाएं थाने के सामने धरना देने पहुंच गईं थी पर समझाइश के बाद शासन-प्रशासन के नाम थाने में ज्ञापन देकर धरना स्थगित कर दिया. श्री धृतलहरे ने अपील की है कि उनके स्थानांतरण पर किसी प्रकार का विरोध न करें, कोरोनाकाल में घर पर ही रहें. स्थानांतरण एक विभागीय प्रक्रिया है. बता दें कि धृतलहरे को पदस्थ हुए बमुश्किल 40 दिन ही हुए हैं. इस अल्प समय में उन्होनें थाना क्षेत्रांतर्गत 65 ग्रामों में जुआ, अवैध शराब, चोरी, सट्टा आदि आपराधिक मामलों में नकेल कसने में काफी हद तक कामयाबी हासिल की है.
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उनके पास कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत अथवा समस्या लेकर बेहिचक पहुंचते थे. इतना ही नहीं उन्होंने कोरोना संक्रमण की रोकथाम में जन जागरण की सक्रिय भूमिका भी निभाई. जानकारी के अनुसार स्थानांतरण के 3 दिन पूर्व ही उन्हें बेस्ट थानेदार से पुरष्कृत किया गया. फिर अचानक जब उनका सेवानिवृत्त के लिए मात्र 8 दिन बमुश्किल बचा है ऐसे में उनका स्थानांतरण लोगों की समझ से परे है. श्री धृतलहरे ने कहा कि चंद प्रभावी लोगों द्वारा अनैतिक कृत्य पर सहयोग के लिए दबाव डाला गया जिसमें विफल होने पर उल्टे लिप्त होने का आरोप लगा दिया है. उन्होने चुनौती दी है कि सट्टा, जुआ को प्रश्रय दिया है तो सबूत पेश करें. उन्होंने कहा कि 62 साल की सेवा समाप्ति के चंद दिन बाकी है जहां भी रहा सदैव कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन किया और लोगों से आत्मीय प्रेम बनाए रखा.
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