रायपुर. पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद हंगामा शुरू हो गया है. उन्होने ट्विटर और फेसबुक पर लिखा कि- छत्तीसगढ़ के वर्तमान राजकीय चिन्ह को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी की अपार सफलता और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में गोबर के महत्व को देखते हुए इसे राजकीय प्रतीक चिन्ह बना देना चाहिए. दरअसल, एक दिन पहले ही राज्य सरकार ने ग्रामीणों से गोबर खरीदने का ऐलान किया था. सरकार का दावा है कि इससे खाद बनेगी, लोगों की आय बढ़ेगी. अजय चंद्राकर की इस पोस्ट को आम लोगों ने गलत बताया. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने इसे रीट्वीट करते हुए लिखा है कि- आपकी सोच को देखकर लगता है कि सरकार की इस योजना से भाजपा के नेताओं को काफ़ी लाभ मिल सकता है, उठाना भी चाहिए. दिमाग़ में भरे गोबर को बेचें, आर्थिक लाभ पाएं. कुछ अच्छी चीजें भी दिमाग़ में घुसेंगी.
http://मुख्यमंत्री ने दी राहत, अब घर बैठे ही मिलेगा जाति और निवास प्रमाण पत्र
छत्तीसगढ़ के वर्तमान राजकीय चिन्ह को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी की अपार सफलता और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में "गोबर" के महत्व को देखते हुए इसे राजकीय प्रतीक चिन्ह बना देना चाहिए👇👇👇👇👇 pic.twitter.com/pAbTm6KHMW
— Ajay Chandrakar (@Chandrakar_Ajay) June 26, 2020
यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।
तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥आपकी सोच को देखकर लगता है कि सरकार की इस योजना से भाजपा के नेताओं को काफ़ी लाभ मिल सकता है, उठाना भी चाहिए।
दिमाग़ में भरे गोबर को बेचें, आर्थिक लाभ पाएँ। कुछ अच्छी चीजें भी दिमाग़ में घुसेंगी। https://t.co/mFdH3YzPTz
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) June 26, 2020
http://केंद्र सरकार की ‘एआई फॉर यूथ प्रोग्राम’ के तहत कुलदीप निगम उमा शाला नर्रा का चयन
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के मण्डल सम्मिलन की बैठक 27 जून को
रायपुर. वन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में 27 जून को दोपहर 2 बजे छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के मण्डल सम्मिलन की बैठक आयोजित की गई है. यह बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल मुख्यालय पर्यावास भवन में आयोजित है.







