रायपुर. प्रदेश के कई वन अधिकारी-कर्मचारी तबादला होने के बाद भी अपने स्थान पर जमे हैं. छत्तीसगढ़ शासन ने फरवरी माह में करीब 14 अधिकारियों का तबादला किया था. पर सूत्रों के अनुसार अधिकांश अधिकारियों ने शासन का आदेश नहीं माना और वे अपने स्थान पर पूर्व की तरह ही पदस्थ हैं. मिली जानकारी के मुताबिक समन्वय से वन विभाग के 14 कर्मचारी जिसमें रेंजर, वनपाल, वनरक्षक का स्थानांतरण उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद आदि स्थानों पर आवश्यकता अनुसार 25 फरवरी को हुआ था. पर इस सूची के एक-दो नामों को छोड़कर किसी ने भी अपनी नई पदस्थापना स्थान पर प्रभार ग्रहण नहीं किया है.
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ज्ञात हो कि शासन स्तर से उदंती सीतानदी क्षेत्र में अवैध कटाई एवं अतिक्रमण के व्यापक पैमाने में कब्जा होने से एवं मैदानी कर्मचारियों की कमी के चलते छग़ शासन वन विभाग महानदी भवन अटल नगर रायपुर से हुए उक्त आदेश में 14 अधिकारी-कर्मचारी की पदस्थपना की गई थी जिसका मखौल उड़ाते हुए संबधित स्थानांतरित कर्मचारी भार मुक्त नहीं हो रहे हैं जिससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि अफसरशाही का बोलबाला इतना ज्यादा है कि शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है. जानकारी के मुताबिक बलौदाबाजार के रेंजर राकेश चौबे का ट्रांसफर हुए 6 माह हो गया है उन्हें भी भारमुक्त नहीं करना अधिकारियों की मनमर्जी का जीता जागता उदाहरण है. वन विभाग के बड़े अधिकारी भी मौन हैं.
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