रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में अजय चंद्राकर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम पर विशेषाधिकार भंग करने का आरोप लगाकर कार्यवाही की मांग करते हुए कहा है कि विधानसभा की अधिसूचना से पहले मोहन मरकाम को कैसे पता चला कि 2 दिसम्बर को बिल पेश होगा. हालांकि इस पर विधानसभा अध्यक्ष महंत ने कहा कि वे इस पर अपना फैसला बाद में देंगे. इधर, अजय चंद्राकर और शिव डहरिया में तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई. विपक्ष ने सदन से वाकआउट भी किया है. मंत्री अमरजीत भगत ने मंत्री और विधायक के बीच धक्का-मुक्की पर कहा कि आरक्षण विधेयक सदन में पेश किया गया, जिसे भाजपा और विपक्ष की ओर से विधेयक को रोका जा रहा है.
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राज्य में नौकरी और शिक्षा प्रभावित हो रही है. भाजपा की ओर से आरक्षण को रोकना शर्मनाक है. आरक्षण विधेयक हम लाकर रहेंगे. सदन में आज जो घटना घटी है वह बहुत ही शर्मनाक है. विपक्ष ने आप खो दिया है. विपक्षी विधायक हाथापाई में आ गए हैं. वहीं भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि दुर्भाग्यजनक स्थिति है कि लेजिसलेशन पर चर्चा करते हैं तो मंत्री आपत्ति करते हैं. हम चाहते हैं आरक्षण का लाभ लोगों को मिले, लेकिन लगता है कांग्रेस के लोग आरक्षण नहीं चाहते. कानून विरुद्ध विधेयक आरक्षण लाया जा रहा है. ओबीसी आरक्षण लागू हुआ तब एक याचिका लगा दी गई. याचिका लगाने वाले को पद दिया गया.
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