महासमुंद. समर्थन मूल्य में धान की ख़रीदी को गिनती के 10 दिन ही शेष रह गए हैं. जिले में आज तक की स्थिति में 65% धान की ख़रीदी उपार्जन केन्द्रों द्वारा की गई है. शेष 35% ख़रीदी बचे दिनों में किया जाना मुश्किल नजर आ रहा है. उपार्जन केन्द्रों में हमालों को उनके काम का उचित दर नहीं मिलने से हमालों की कमी केन्द्रों में देखने को मिलती है. जिसका खामियाजा यदि धान खरीदी तिथि को आगे नहीं बढ़ाया जाता तो आने वाले दिनों में किसानो को भुगतना पड़ सकता है. बहरहाल, सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने धान ख़रीदी समय को बढ़ाने के संकेत दिए हैं. बाद भी किसानों के मन में भय बना हुआ है कि उपज को निर्धारित समयावधि में वे बेच पाएंगे भी या नहीं.
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क्या कहते हैं केंद्र प्रभारी
खल्लारी (बागबाहरा), केंद्र प्रभारी मनोज भारद्वाज ने बताया कि उपार्जन केंद्र में कुल 87500 क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य है. अब तक 56000 क्विंटल धान किसानों से खरीदा जा चुका है, 35500 क्विंटल धान ख़रीदा जाना शेष है. यदि धान खरीदी का समय नहीं बढ़ाया जाता है तो एक दिन में 8300 कट्टे धान खरीदने का लक्ष्य होगा. देवरी (कोमाखान) प्रभारी भेखलाल यादव के मुताबिक 18 हजार क्विंटल धान खरीदा जाना शेष है. प्रति दिवस 4500 कट्टा खरीदने पर लक्ष्य की पूर्ति होगी, हमालों की संख्या कम है.
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तिथि बढ़ाने शीघ्र फैसला लें शासन : जयप्रकाश
सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू के मुताबिक धान ख़रीदने के लिए उपार्जन केन्द्रों द्वारा ख़रीदी तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की जा रही है. यदि नहीं बढ़ाई जाती तो केन्द्रों में ज्यादा ख़रीदी करने का लक्ष्य होगा जिससे स्टेकिंग व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति निर्मित होगी. उठाव की गति धीमी है कम समय में ज्यादा मात्रा में धान खरीदी करने से उपार्जन केन्द्रों में धान जाम होंगे जिससे समितियों को नुकसान होगा. धान ख़रीदी हेतु तिथि आगे बढ़ाने के संबंध में शासन को शीघ्र फैसला लेना चाहिए.







