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उधारी चुकाने से बचने के लिए की छेड़छाड़ की झूठी शिकायत, आयोग ने महिला को लगाई फटकार

Published on: February 24, 2022
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रायपुर. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य डॉ अनिता रावटे की उपस्थिति में शास्त्री चौक स्थित, राज्य महिला आयोग कार्यालय में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सुनवाई की गई. प्रस्तुत प्रकरण में अनावेदक ने बताया कि आवेदिका लिखित इकरारनामा के माध्यम से व्यक्तिगत 50 हजार रुपए लिया है और वापस न करना पड़े इसलिए झूठी शिकायत आयोग में की थी. आवेदिका से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसने 50 हजार रुपए लिया है और वह एक माह के अंदर आयोग के समक्ष रुपए वापस देना स्वीकार किया है. आवेदिका का कथन है कि अनावेदक ने उसे डांट लगाई थी इसलिए उनके खिलाफ आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी.

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महिला आयोग में महिलाओं की रक्षा का अर्थ कतई यह नही है कि महिला अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर पुरुषों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराए आवेदिका को आयोग के समझाइश दिए जाने पर आवेदिका ने आयोग के समक्ष अनावेदक से माफी मांगी और अगली सुनवाई में रुपए वापस करने की सहमति भी दी है. एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदक के विरुद्ध शारीरिक और आर्थिक शोषण के साथ-साथ दहेज मांग करने संबंधी शिकायत की थी. अनावेदक इंडियन ऑयल में मैनेजर के पद पर कार्यरत है और 1 लाख 50 हजार रुपए मासिक वेतन है. आवेदिका डेढ़ साल से अलग है उसने बताया कि बच्चे की डिलिवरी के लिए मायके भेजे थे उसके बाद से लेने नहीं आ रहा है. उसने यह भी बताया कि अनावेदक ने उनके पिता से 45 लाख रुपए पेट्रोल पंप दिलाने के लिए लिया था.

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वह राशि भी अब तक वापस नहीं किया है और भरण पोषण राशि नहीं दे रहा है. आयोग के द्वारा समझाइश दिए जाने पर दोनों ने समय की मांग की. एक अन्य प्रकरण में पति-पत्नी के मध्य आपसी सहमति से विवाह विच्छेद के लिए आयोग में समक्ष तैयार हुए. बच्ची के संरक्षण के विषय मे पति के द्वारा पत्नी के साथ रहने की सहमति दिया. पति भविष्य में बच्ची से बात भी कर सकेगा. आयोग ने दोनों पक्षों को अधिवक्ता के सहयोग अपनी सहमति पत्र बनाकर आयोग कार्यालय में जमा करने कहा गया. आयोग के अध्यक्ष ने पति-पत्नी को एक वर्ष से अलग रहने का आपसी राजीनामा बनाकर न्यायालय में प्रस्तुत करने के साथ ही इस प्रकरण को निगरानी में रखने का निर्देंश दिया.

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