बिलासपुर. कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा प्रभावित बिलासपुर जिला ही रहा. इस संकट में जहां निजी अस्पतालों ने आपदा को अवसर में बदलकर कोरोना मरीजों से खुलकर रुपए ऐंठे. वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कि सरकारी सेवा में रहते हुए लगातार मरीजों की सेवा में जुटे रहे और मरीजों के स्वस्थ होते तक लगातार सेवा करते रहे. ऐसे कठिन समय में मरीजों की लगातार देखरेख कर उपचार करने वालों में एक नाम डॉ. शरद कुर्रे का भी है. कोरोनाकाल में लोगों की सेवा कर रहे डॉक्टर अस्पताल में उन्हे जागरूक भी कर रहे हैं ताकि लोग इस महामारी से कैसे बचें.
http://2021 Skoda Octavia भारत में लॉन्च, 6.9 सेकंड में पकड़ती है 100 kmph की रफ्तार
ऐसे ही डॉक्टरों में डॉ. शरद कुर्रे भी हैं. श्री कुर्रे ने ‘छत्तीसगढ़ जनादेश’ से खास बातचीत में बताया कि संक्रमण का शरीर में आते ही पहचान कर इलाज शुरू करने से लोगों की जान बच सकती है. किसी भी तरह से लक्षण दिखने पर डॉक्टर के परामर्श से जल्द इलाज शुरू करना चाहिए. कोरोनाकाल में गत वर्ष विदेश से आए लोगों की ट्रेसिंग, लॉकडाउन में ट्रेन के माध्यम से पहुंचे मजदूरों की जांच, आइसोलेशन सेन्टरों में ड्यूटी एवं शासन-प्रशासन के आदेशानुसार समय-समय पर कोरोना से लोगों को बचाने के लिए इनका प्रयास सराहनीय है.
http://विद्यार्थियों को घर पहुंचाकर दी जाएंगी निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें
डॉ. कुर्रे ने बताया कि मरीज को सही समय पर उचित परामर्श देने के साथ ही मानसिक तौर पर भी उसमें सकारात्मक सोच जागृत करने प्रयत्न लगातार किया जा रहा है, इससे बहुत से मरीजों को फायदा हुआ. उन्होंने बताया कि दिनचर्या व खान-पान में कुछ परिवर्तन कर हम अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित होने से बचा सकते हैं. कोरोना संकमण को रोकने के लिउ अपने मुंह व नाक को अच्छी तरह ढंकने मास्क जरूर पहने, भीड़ भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें. वैक्सीन जरूर लगवाएं एवं कोरोना से बचाव के सारे सावधानियों का पालन करें.
हमारे नायक बने प्रदीप साहू, गौरवान्वित हुआ पूरा शिक्षा विभाग https://t.co/uy0qAR4HC1
— Cg Janadesh (@CJanadesh) June 14, 2021







