रायपुर. कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम हेतु भारत सरकार द्वारा लागू लॉकडाउन अवधि में विभिन्न औद्योगिक संगठनों एवं संस्थानों सहित गैर घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा सरकार से रियायत दिए जाने की मांग लगातार की जा रही थी जिस पर विचारोपरांत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उनके हित में अनेक निर्णय लिए गए हैं. उपभोक्ताओं के हित में प्रदेश के गैर घरेलू (व्यवसायिक), कृषि आधारित उद्योग समेत अन्य औद्योगिक विद्युत कनेक्शन के अप्रैल, मई एवं जून के बिलों पर डिमांड चार्जेज़ भुगतान को जून तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है. स्थगन अवधि (मॉरिटोरियम पीरियड) के पश्चात उक्त प्रभार की राशि को समान मासिक किश्तों में आगामी छह माह के विद्युत देयकों के साथ ली जाएगी.
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उक्त अवधि अर्थात अप्रेल, मई एवं जून के बिलों पर डिलेड पेमेंट सरचार्ज 1.5 प्रतिशत के बजाए एक प्रतिशत ही लिया जाएगा. कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रदेश भर के सभी नगद बिल संग्रहण केंद्रों को अस्थाई रूप से बंद किया गया था. इसे दृष्टिगत रखते हुए लिए गए निर्णय के मुताबिक ऐसे सभी निम्नदाब विद्युत उपभोक्ता जिन्हें 23 मार्च से 3 मई की अवधि में विद्युत देयक का भुगतान करना था उन्हें अब 31 मई तक बिना अधिभार के विद्युत देयक भुगतान करने की सुविधा दी जाएगी. छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 23 मार्च से 30 जून के बीच प्रदेश में क्रय की जाने वाली विद्युत एवं पारेषण हेतु देयकों के विलंब से भुगतान पर वर्तमान में लागू डिलेड पेमेंट सरचार्ज की दर में पचास प्रतिशत की कमी की गई है. छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग भी इस पर सहमत है.






