विष्णुचंद्र शर्मा
खरसिया. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को लेकर दिखावे तो बहुत किए जाते हैं, परंतु हक़ीक़त कुछ और होती हैं. शहर के बीच स्थित गर्ल्स स्कूल में लगभग 400 बेटियां अध्ययनरत हैं. परंतु इन्हें शिक्षकों के अभाव एवं कूड़े कचरे तथा नगरपालिका की कबाड़ हुई गाड़ियों के बीच पढ़ने की मजबूरी बनी हुई है. यूं तो इस स्कूल में पर्याप्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं हैं, परंतु कुछ शिक्षक अपनी जवाबदारियों का निर्वहन निष्ठा से नहीं कर रहे. ऐसा नहीं कि कभी-कभार ही यह शिक्षक विलंब करते हैं, लगभग प्रतिदिन ऐसी ही स्थितियां निर्मित होती हैं. शनिवार की सुबह 8:00 बजे से कक्षाएं प्रारंभ तो हो गई परंतु शिक्षकों के अभाव में छात्राएं स्वयं से क्लास रूम में पढ़ती देखी गईं.
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वहीं अनुपस्थित शिक्षकों को लेकर डीईओ मणीद्र श्रीवास्तव से बात की गई, तो उन्होंने लिखित शिकायत भेजने पर कार्रवाई करने की बात कही. इस अव्यवस्था के संबंध में एसडीएम गिरीश रामटेके से चर्चा करने पर उन्होंने व्यवस्था एवं मनमानी पर अंकुश लगाने की बातें कहीं हैं. गर्ल्स स्कूल एवं नेशनल कॉन्वेंट स्कूल आमने सामने संचालित होती है. बीच में लगभग 30 फीट की जो जगह है, उसे स्वच्छता की दुहाई देने वाली नगर पालिका ने कूड़ेदान बना दिया है. यहां पालिका की खराब एवं जर्जर हालात की गाड़ियां और कबाड़ भरपूर मात्रा में भरा पड़ा रहता है. जो लगातार दुर्गंध एवं छुटपुट दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहा है. इसे व्यवस्थित करने जब सीएमओ नीतू अग्रवाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने कई बार कॉल करने पर भी जवाब देना उचित नहीं समझा.
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