नई दिल्ली. कच्चे तेल के दाम में आग लग गई है. बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत में पांच डॉलर प्रति बैरल का इजाफा हुआ और यह अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया. इस जोरदार तेजी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है. इसका भारत समेत दूसरे देशों पर बुरा असर होने वाला है. रिपोर्ट्स के मुताबिक विशेषज्ञों की मानें तो अगर रूस और यूक्रेन के बीच जंग और आगे बढ़ती है तो कच्चे तेल का दाम और आगे बढ़ सकता है. इससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर बुरा असर पड़ेगा और ये 10 से 15 रुपए तक महंगे हो सकते हैं.
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गौरतलब है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के अनुरूप देश में खाने-पीने की चीजों पर महंगाई भी बढ़ेगी, क्योंकि माल ढुलाई का खर्च बढ़ जाएगा. ऐसे में भारत के सामने खुदरा महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाएगा. मंगलवार को रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन में जारी संकट के चलते चालू वित्त वर्ष में देश का आयात बिल बढ़कर 600 अरब अमेरिकी डॉलर होने की संभावना है. इसका कारण यह है कि भारत कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रत्न और आभूषण, खाद्य तेल और उर्वरक के आयात पर पुरी तरह से निर्भर है, जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध का असर भारतीय मुद्रा पर पड़ रहा है जो लगातार गिर रही है.










