बिलासपुर. जिले में कार्यरत चिरायु की टीम ने कोरोना संक्रमण में एक योद्धा के रूप विशेष भूमिका निभाई है. जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा इन पर किए गए भरोसे में चिरायु टीम खरी उतरी है. लिहाजा जिले से लगे क्षेत्र कटघोरा में दर्जन भर कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद भी चिरायु योद्धाओं की सतर्कता से अब तक बिलासपुर सुरक्षित है. जिले में अभी भी अन्य स्थानों से आने वाले लोगों तक ये टीम पहुंच कर अपना दायित्व बखूबी निभाती दिख रही है. मार्च माह में कोरोना की आहट पाते ही जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रमोद महाजन ने एक विशेष रणनीति के तहत जिले भर की विकासखण्डों में बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर एवं कोटा में कार्यरत करीब 22 आयुष मेडिकल अधिकारी सहित कुल 44 स्वास्थ्यकर्मियों की टीम को अपने अधीन जिला कार्यालय में अटैच कर लिया.
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इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वस्थ अधिकारी डॉ प्रमोद महाजन एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ एसके लाल के मार्गदर्शन में एक टास्क फोर्स का गठन कर इसका नेतृत्व डॉ सौरभ शर्मा को सौंपा गया. इसके बाद से ही ये पूरी टीम एकजुटता से कोरोना वायरस को परास्त करने जुट गई. इस टीम मुख्य कार्य संदिग्धों की निगरानी एवं परीक्षण का था पर चिरायु टीम के डॉक्टरों, फार्मासिस्ट, एएनएम एवं लैब टेक्निशियन द्वारा उत्साह के साथ दिन-रात मेहनत कर इस कठिन कार्य को भी सरल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. चिरायु की डॉ सुष्मिता खनूजा ने बताया कि उनकी टीम बाहर से आने वालों को कॉन्टेक्ट ट्रेनिंग, क्वॉरंटाइन, अन्य प्रदेशों से आने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उनकी लगातार निगरानी, होम क्वॉरंटाइन किए गए लोगों की सतत मोबाइल काँटेक्ट से स्वास्थ्य की जानकारी सहित आवश्यकता पड़ने पर टीम को घर तक भेजकर जांच एवं उपचार की सुविधा दे रही है. चिरायु टीम के अधिकारी-कर्मचारी विगत छह वर्षों के अपने अनुभव से कोरोना के विरुद्ध इस भीषण युद्ध को सफल करने जुटे हैं.
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