बागबाहरा. ग्रामीण सहकारी समिति गांजर के संचालक मंडल के सदस्य आनंद साहू ने राज्यपाल से गांजर सोसायटी में धान खरीदी, ऋण वितरण में व्यापक मात्रा में धांधली करने की शिकायत कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होने 10 सितंबर तक जांच न होने पर किसानों के साथ आमरण-अनशन की चेतावनी दी है. उन्होने सहकारी समिति गांजर में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा आर्थिक अनियमितता एवं धान खरीदी में भ्रष्टाचार करने का सनसनीखेज मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि गांजर समिति के विगत दस वर्षों के धान खरीदी तथा धान खरीदी से संबंधित सामग्री क्रय एवं भंडारित खाद का लेखा-जोखा मिलान करने से अनेक चौंकाने वाले तथ्य उजागर होंगे तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी-कर्मचारी बेनकाब होंगे.
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शिकायत के मुताबिक 1 हजार 53 क्विंटल कम धान खरीदी बताया जा रहा, जबकि ऐसे किसान के नाम पर धान खरीदी बताई जा रही है जिसने खेती नहीं की है और न ही धान बेचा है. मृत किसान का बिना फौती और बिना हिस्सेदार के सहमति के कृषि ऋण दे दिया गया है और उक्त किसान के नाम से धान क्रय भी करना बताया जा रहा है. यही नहीं मृतक किसान के नाम से ऋण स्वीकृति करना तथा बैंक खाता से ऋण लेना तथा धान बिक्री की राशि आहरित है. श्रीमती जानकी ढीमर पति बुद्धेश्वर ढीमर मुड़ागांव के नाम पर लगभग 15 एकड़ में धान बिक्री हुई है. उक्त महिला किसान के खाते में व्यवस्थापक ने संचालक मंडल बैठक में धान बेचना स्वीकार किया है. इसी तरह मुड़ागांव के ही हिस्सेदार किसान प्रेमलाल बरिहा की मृत्यृ के बाद फौती नहीं उठी है. तीन बहन हिस्सेदार हैं उनके नाम से कृषि ऋण स्वीकृत किया जा चुका है. मनराखन साहू की मृत्यृ के बाद उसके भतीजे नीलकंठ साहू सहकारी समिति का चपरासी बिना फौती उठाए लेन-देन करते रहा है और मृत किसान के नाम से धान बिक्री कर मृतक किसान के बैंक खाता से ऋण आहरण कर आर्थिक अनियमितता को अंजाम दिया है. सहकारी समिति में राज्य शासन के आदेश पर धान की समर्थन मूल्य खरीदी की गई है उसमें लगभग तीन हज़ार कट्टा धान में संग्रहण केन्द्र में मोटा धान को पतला बताकर विपणन संघ भेजा गया है.
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आनंद साहू ने सहकारी समिति गांजर में किए गए आर्थिक अनियमितता एवं धान खरीदी घोटाला की सूक्ष्म जांच करने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने बताया कि तमाम धान खरीदी केन्द्र और किसानों को वितरित किए गए ऋण की निष्पक्ष जांच कराने से करोड़ों रुपए की भ्रष्टाचार का खुलासा होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता. शिकायत के मुताबिक विगत वर्षों से किसानों के बारदाना में धान खरीदी की गई. किसानों के बारदाने का रुपए शासन से समिति को प्राप्त हो चुकी है पर किसानों को उनके बारदानें की राशि आज तक नहीं दी गई है. किसानों के बारदानें की राशि और सोसायटी के धान खरीदी कमीशन की राशि को प्रबंधकों ने धान सार्टेज की भरपाई कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) September 4, 2021







