रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और संघ-भाजपा के रिश्तों पर की गई टिप्पणियों को कांग्रेस के मानसिक दीवालिएपन और वैचारिक दरिद्रता का परिचायक बताते हुए तीखा पलटवार किया है. उन्होने कहा कि जिनका समूचा पराक्रम ‘एक परिवार’ और पदों की लालसा में ‘सत्ता केंद्रों’ की परिक्रमा में ही खर्च हो रहा है, उनसे भाजपा के कार्यकर्ताओं को पराक्रम और पुरुषार्थ का प्रमाण पत्र नहीं चाहिए. श्री उपासने ने सरसंघचालक डॉ. भागवत के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर की गई टिप्पणियों को कांग्रेस का राजनीतिक फितूर बताते हुए सवाल किया कि सरसंघचालक डॉ. भागवत के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर कांग्रेस नेताओं के पेट में मरोड़ क्यों उठने लगे हैं?
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सरसंघचालक डॉ. भागवत संघ कार्य और अनुषांगिक संगठनों की गतिविधियों पर चर्चा के लिए देशभर के सभी राज्यों में संघ की व्यवस्था के अनुसार प्रवास करते हैं और इसी क्रम में वे इस बार छत्तीसगढ़ के प्रवास पर हैं. श्री उपासने ने कहा कि चूँकि भाजपा के अधिकांश कार्यकर्ता संघ के विचारों और कार्यों से जुड़े हैं और इसी सिलसिले में सरसंघचालक और भाजपा नेताओं की चर्चा हुई है तो कांग्रेस उसे राजनीतिक रंग देकर ख़ुद को हँसी का पात्र बना रही है. उन्होने कहा कि संघ और भाजपा के रिश्तों की फिक्र करने के बजाय कांग्रेस अपने ‘खानदानी’ नेताओं के चीन और देश में पल रहे अलगाववादियों से रिश्तों पर शोध करें और बताएँ कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और दुश्मन देशों के बीच का वह रिश्ता क्या कहलाता है जिसके चलते राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए चीन से पैसा लिया जाता है और पाकिस्तान की हरक़तों का ज़वाब देने पर देश की सेनाओं पर सवाल दागा जाता है. संघ-भाजपा रिश्तों की बात करते समय कांग्रेस नेताओं को शर्म महसूस करनी चाहिए कि एक ही देश में दो संगठनों की बातचीत पर उन्हें सवाल सूझता है पर 7 अगस्त 2008 को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ उनकी तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौज़ूदगी में तत्कालीन कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने जो एमओयू किया था, तो उस रिश्ते पर कुछ बोलते और पूछते समय उनके मुँह में दही क्यों जम जाता है?
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श्री उपासने ने कहा कि सरसंघचालक डॉ. भागवत ने नागपुर के संघ मुख्यालय में भारतीय स्वाधीनता दिवस की 73वीं वर्षगाँठ पर ध्वजारोहण किया और राष्ट्रीय ध्वज को नमन करने के बाद वे रायपुर के लिए वहाँ से रवाना हुए थे. कांग्रेस के नेताओं को क्या इंटेलिजेंस ने यह बताया कि डॉ. भागवत ने ध्वजारोहण नहीं किया. कांग्रेस नेताओं को हर बात पर झूठ और सिर्फ़ झूठ-फरेब करना ही आता है और देश को भ्रमित करते-करते आज कांग्रेस की हालत ऐसी हो गई है कि उसका नेतृत्व ख़ुद ऊहापोह में जकड़ा हुआ है और वामपंथ पोषित व प्रेरित वैचारिक दारिद्र्य ही अब उसकी कुलजमा पूंजी रह गई है. उन्होने कहा कि कांग्रेस नेताओं को समाचार पत्रों और विभिन्न मीडिया माध्यमों से पहले अपनी जानकारी दुरुस्त कर लेनी चाहिए उसके बाद अपना मुँह खोलना चाहिए अन्यथा उनके दिमाग़ी दीवालिएपन पर जगहँसाई ही होनी है.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) August 16, 2020







