महासमुंद. पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता डॉ. विमल चोपड़ा ने कहा है कि कोरोना लॉकडाउन में शासन-प्रशासन द्वारा लगातार रोज कमाने एवं रोज खाने वाले गरीब लोगों के पेट में लात मारकर उनके जीवन को दुरूह किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ माफियाओं को संरक्षण देकर कोरोना के विस्तार को खुली छूट दी जा रही है. लॉकडाउन के इस काल में गरीबों का रोजगार बंद करा दिया गया है पर रेत माफिया लगातार ग्रामीणों को धमकाकर एवं लालच देकर प्रशासनिक संरक्षण में अपने काले धंधे को लगातार चला रहे हैं. अब तो सत्ताधारी दल के खास लोगों का गिरोह खनिज अधिकारियों के साथ मिलकर लूट मचाए हुए हैं. बंद पड़ी रेत खदानों से लोग प्रदेश के हॉटस्पॉट एवं अन्य प्रदेश से आए वाहनों में रेत की सप्लाई कर रहे हैं. इन वाहनों के चालक एवं सहायक कोरोना के वाहक के रूप में लगातार संक्रमण फैला रहे हैं.
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क्षेत्र में ठेले वाले एवं मजदूर यदि कार्य में लगे हैं तो उन्हें कड़ाई के साथ दंडित किया जा रहा है पर अवैध खदानों में आने वाले सैकड़ों वाहनों के द्वारा फैलाए जा रहे संक्रमण पर प्रशासन मौन है. डॉ. चोपड़ा ने विधायक पर तंज कसते हुए कहा है कि आम नागरिकों को घर पर रहने की सलाह देने वाले रेत खदानों से इस लॉकडाउन काल में फैल रहे संक्रमण पर मौन साधे हुए हैं जो अनेक संदेह को जन्म देता है. क्षेत्र में फैले रेत के कारोबार से क्षतिग्रस्त हो रही करोड़ों-अरबों की सड़कों के बड़े-बड़े गड्ढे में तब्दील होने पर चुप्पी साधे रहना जनता को समझने के लिए काफी है. डॉ. चोपड़ा ने प्रशासनिक अमले के मौन पर भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए इसमें खनिज विभाग की भागीदारी बतायी है और कहा कि खदानों का एक निश्चित प्रतिशत इन तक पहुंच ही रहा है. वहीं सभी वाहनों से 6000 रुपए प्रति माह की वसूली खनिज अधिकारियों द्वारा एंट्री के रूप में वसूली जा रही है. जिसकी शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होना आश्चर्य का विषय है. कलेक्टर द्वारा लगाए गए बेरियर को बेखौफ खोलकर रेत माफिया कलेक्टर को सीधे सत्ता की चुनौती दे रहे हैं
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और ग्रामीण सड़कों को बचाने व अवैध खदानों को बंद कराने की कलेक्टर के सारे प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं इसमें खनिज विभाग के अधीन वाले अधिकारी की भूमिका अहम है. डॉ. चोपड़ा ने जिलाधीश की चुप्पी को किसी दबाव का परिणाम बताते हुए कहा है कि उनके मातहत अधिकारियों द्वारा खुलेआम रेत माफियाओं के साथ भागीदारी से उनकी प्रतिष्ठा को आघात लग रहा है. डॉ चोपड़ा ने कहा कि कोरोना से लड़ना है तो विधायक व जिलाधीश को सबके साथ समान व्यवहार करते हुए गरीबों के साथ नम्रता बरतनी पड़ेगी तब कोरोना से जीता जा सकता है. सरकार ठेला चलाने वाले गरीबों पर तो डंडा चलाते हैं पर ऑनलाइन ऑर्डर लेकर गली-गली में शराब की सप्लाई करने वालों को छूट दी गई है. गरीबों का रोजगार चौपट और सरकार की कमाई जारी रहे ऐसे में कैसे कोरोना को छत्तीसगढ़ मात देगा?
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) September 28, 2020







