महासमुंद. जिले के ग्राम सरकड़ा और अमलीडीह में 2005 से शिक्षाकर्मी पद में पदस्थ भाई-बहन को फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति पाने के आरोप में पिथौरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2005 में शिक्षाकर्मी भर्ती के दौरान सरकड़ा निवासी राकेश सिन्हा और रजनी सिन्हा ने फर्जी बधिर (बहरा) होने का प्रमाण पत्र पेश कर आरक्षण का लाभ लेते हुए शिक्षाकर्मी की नौकरी हासिल कर ली थी. इस दौरान एक अन्य प्रार्थी हीरा निषाद ने इसकी शिकायत भी की थी पर उस समय किसी तरह मामला निपटा दिया गया था. इधर, विगत दिनों एक युवक डालेश्वर पटेल ने उक्त दोनों फर्जी प्रमाण पत्र की पुष्टि हेतु जिला अस्पताल से सूचना के अधिकर के तहत बधिर प्रमाण पत्र की जानकारी हेतु आवेदन लगाया था.
जिस पर जिला अस्पताल से पटेल को उक्त दोनों आरोपियों के नाम से कोई भी बधिर (दिव्यांग) प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाने की जानकारी दी. इसके बाद पटेल ने उक्त दोनों शिक्षाकर्मियों के विरुद्ध प्रमाण के साथ स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत को संज्ञान में लेते हुए थाना प्रभारी कमला पुसाम ने जांच प्रारंभ की. जांच में दोनों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए. पुसाम ने बताया कि आज ही राकेश और रजनी को गिरफ्तार किया गया. अपने बयान में एक आरोपी राकेश ने बताया कि उनका कान ठीक है पर उन्हें उनके चाचा ने ही प्रमाण पत्र बनाकर दिया है. राजेश के बयान के बाद पुलिस ने दोनों शिक्षाकर्मियों के अलावा उनके चाचा को भी आरोपी बनाया है जो अभी पुलिस पकड़ से बाहर है.
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