खरसिया. भूमि एवं जल संरक्षण के लिए शासन द्वारा अनेकों योजनाएं चलाई जाती हैं, वहीं किसानों के हित को लेकर हर कोई बड़ी-बड़ी बातें भी करता है. इसके विपरीत चपले क्षेत्र में बह रहे दंतार नाले का प्रदूषित काला पानी हजारों एकड़ कृषि भूमि को बंजर बना रहा है. ग्राम पंचायत रजघटा, कुनकुनी, खैरपाली, चपले, टेमटेमा एवं पंडरीपानी के साथ करीब 20 गांव के लोगों के लिए जीवनदायिनी बना दंतार नाला उद्योगों की वजह से लगातार प्रदूषित हो रहा है. वहीं जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं. नाले के स्वच्छ जल को प्रदूषित करने में मुख्यतः कुनकुनी स्थित वेदांता कोल साइडिंग, राबर्टसन स्थित एसईसीएल कोल साइडिंग एवं छोटेडूमरपाली स्थित कोलवाशरी बड़ी वजह बनी हुई हैं.
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ना जाने ऐसी कौन सी वजह है, जो अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को जनहित के मुद्दे पर भी मौन रहने पर विवश कर रही है. जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए भी अलग इकाई बनी हुई है, परंतु हजारों एकड़ भूमि का बंजर होना, दूषित पानी की वजह से जलीय जंतुओं की प्रजातियों का विलुप्त होना, वहीं हजारों लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो जाने के बावजूद शासन और प्रशासन को लिखित शिकायत का इंतजार बना हुआ है, जबकि जनहित के इस मुद्दे पर प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए, वहीं जनप्रतिनिधि को मुखर होकर यह आवाज उठानी चाहिए.
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“जांच करवाई जाएगी दोषी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”
– आर.के शर्मा
पर्यावरण अधिकारी रायगढ़
“दंतार नाले का पानी प्रदूषित होने के कारणों की जांच करवाकर, उचित कार्रवाई करेंगे.”
– गिरिश रामटेके
एसडीम खरसिया







