रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने आज राज्यपाल से भेंट कर नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम के माध्यम से ही कराए जाने का निर्देश राज्य सरकार को दिए जाने का आग्रह किया. मंत्रिमंडल द्वारा ईवीएम की जगह मतपत्रों के माध्यम से चुनाव निष्पादित कराए जाने पर भाजपा ने गहरा षड्यंत्र होने का अंदेशा व्यक्त कर कहा है कि इससे कहीं न कहीं सरकार की मंशा पर सवाल उठता है. जो सरकार ईवीएम के माध्यम से चुनाव जीतकर बनी हो और छत्तीसगढ़ में अभी वर्तमान में हुए दो उपचुनावों में भी ईवीएम के माध्यम से चुनाव हुए और परिणाम भी उनके पक्ष में रहा फिर भी नगरीय निकाय चुनाव में मतपत्रों का इस्तेमाल ये सरकार क्यों कर रही हैं, यह समझ से परे है. कहीं-न-कहीं दाल में कुछ काला है या पूरी दाल ही काली है.
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सांसद सुनील सोनी ने राज्यपाल से कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में पार्षदों के जीतने का अंतर बहुत कम होता है और मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने पर काफी सारे मत अवैध घोषित हो जाते हैं जिसका चुनाव परिणामों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है. कई बार तो ऐसा होता है कि जीतने वाले प्रत्याशी का मतांतर अवैध घोषित मतपत्रों से काफी कम होता है. ऐसे में चुनाव परिणाम की वैधता भी संदिग्धता की दायरे में आती है और स्वच्छ और स्पष्ट जनादेश प्राप्त करने में भी इसका प्रभाव पड़ता है जबकि ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराने पर एक भी मत अवैध नहीं होते हैं. इससे स्वच्छ एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होती है. पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि जहां एक ओर भारत वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ रहा है वहीं छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार प्रदेश को वापस 20-25 वर्ष पीछे ले जा रही है. देश में रोज नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है और प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को लगातार पीछे ले जा रही है. ईवीएम की जगह मतपत्रों से चुनाव कराने पर भी ऐसा ही प्रतीत हो रहा है. ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, सच्चिदानंद उपासने, संजय श्रीवास्तव, राजीव कुमार अग्रवाल, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, नरेशचंद्र गुप्ता, रमाकांत मिश्रा, दीपक म्हस्के, सत्यम दुवा उपस्थित रहे.
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