रजिंदर खनूजा
पिथौरा. राजकीय पशु वन भैंसा की संख्या बढ़ाने के लिए असम के मानस नेशनल पार्क से पांच मादा वन भैंसा लाने के लिए शासन ने हरी झंडी दे दी है. वन भैंसों को लाने के लिए वन विभाग ने कवायद तेज कर दी है. वन भैंसों को असम से जनवरी के प्रथम सप्ताह में लाया जाएगा. इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ वन विभाग और असम के अधिकारियों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है. वन विभाग के अधिकारी का कहना है वन भैंसों को बार नवापारा में रखा जाएगा. ज्ञात हो कि बार नवापारा में इसके पूर्व भी पर्यटकों को आकर्षित करने करीब सैकड़ा भर काला हिरण लाए गए थे पर 3 वर्षो से ये हिरण अनुकूलन केंद्र में ही पालतू हो चुके हैं. संभावना व्यक्त की जा रही है कि अब बार में जंगली भैंसा भी उसके लिए बनाए बाड़े में ही कैद होकर रह जाएंगे.
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ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ गठन के दौरान प्रदेश में वन भैंसों की संख्या करीब 80 थी. लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते इसकी संख्या में तेजी से गिरावट आई है. वर्ष 2006 में इसकी संख्या 12 पर आ गई थी और वर्तमान में मात्र 10 हैं. असम से लाए जाने वाले मादा वन भैंसों को अभ्यारण्य में रखा जाएगा. इनके लिए वहां 10 एकड़ का बाड़ा तैयार किया गया है. विभाग के सूत्रों ने बताया कि पांचों मादा भैंसों को रेलवे के वेगन के माध्यम से लाया जाएगा. वैगन कोच में पर्याप्त मात्रा में खान-पान की व्यवस्था रहेगी इसके साथ ही इन्हे वन्य जीव के लिए चिकित्सकों तथा वन कर्मियों की निगरानी में लाया जाएगा. विभागीय सूत्र बताते हैं कि वन भैंसों के लिए बार कोठारी मार्ग पर कक्ष क्र 169 में स्थित खैरछापर तालाब को वन भैंसा रखने हेतु तार से घेरा गया है. यह बाड़ा दूसरी बार बनाया गया है. इसके पूर्व एक बाड़ा करीब 80 लाख की लागत से कोर जोन के कक्ष क्र 174 गुडगढ़-फुरफन्दी मार्ग में नुंछा क्षेत्र में बनाया गया था पर उस बाड़े के पास ट्यूबवेल में पानी न होने के कारण 2 किमी तक पाइप बिछाकर पानी पहुंचाने की बजाय करीब उक्त लागत का एक और बाड़ा का निर्माण करवा दिया गया.
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