रायपुर. भाजपा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस ट्वीट पर कड़ा प्रतिकार किया है जिसमें उन्होंने लड़ाई की धमकी दी है. पार्टी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के आर्थिक नाकेबंदी करने वाले बयान को भी आपत्तिजनक बताया है. पार्टी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने नाकारापन और विफलताओं को छिपाने के लिए जो आंदोलन, आर्थिक नाकेबंदी और दिल्ली मार्च की बातें कर रही है, वह किसानों के साथ प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री बघेल की एक नयी पैंतरेबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है. भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चन्द्राकर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ‘अराजकता का नया प्रतीक’ बताते हुए कहा कि जिन पर कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने की कार्यपालिक जिम्मेदारी सरकार प्रमुख के नाते है, वे विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन की नौटंकी करके कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का शर्मनाक और अराजक आचरण करने पर आमादा हैं.
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‘लड़ाई ही सही’ जैसी भाषा का इस्तेमाल करके मुख्यमंत्री बघेल ने अपनी बदनीयती और राजनीतिक बौनेपन का जो परिचय दिया है, वह उनके लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के प्रति निरे अज्ञान का परिचायक है. श्री चन्द्राकर ने कहा कि इस तरह की धमकी भरी राजनीति करके मुख्यमंत्री बघेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मरकाम ने संवैधानिक पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया है. उन्होने मुख्यमंत्री को सचेत किया कि उनके इस राजनीतिक छल-प्रपंच के कारण यदि कहीं भी कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी और अराजकता का माहौल बना तो खुद बघेल इसके लिए जिम्मेदार होंगे. किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री चन्द्राकर ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में एक मुख्यमंत्री व एक राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष का ऐसी भाषा का प्रयोग करना मानसिक दीवालिएपन का भी द्योतक है. सत्ता के मद में अहंकार से चूर मुख्यमंत्री बघेल और कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम चाहे जितने पैंतरे आजमा लें, प्रदेश सरकार को उसके वादे के मुताबिक किसानों का पूरा धान 25 सौ रुपए में खरीदने के लिए लोकतांत्रिक ढंग से बाध्य करना प्रदेश भाजपा बखूबी जानती है.
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