रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य के 14 जिले जहां कोदो-कुटकी का उत्पादन होता है, वहां राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर कोदो-कुटकी की खरीदी की व्यवस्था की जाएगी और इन जिलों के गौठानों में कोदो के प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे और प्रसंस्कृत कोदो की मार्केटिंग की भी अच्छी व्यवस्था की जाएगी. कोदो-कुटकी का उत्पादन करने वाले जिलों में बस्तर संभाग के 7 जिले, सरगुजा संभाग के 5 जिले और राजनांदगांव तथा कवर्धा जिले शामिल हैं.
https://केंद्र ने SC को बताया, कोरोना से हुई मौत पर परिजनों को मिलेगा 50 हजार रुपए मुआवजा
मुख्यमंत्री बुधवार को यहां अपने निवास में कांकेर, कोण्डागांव, बस्तर जिले से आए हल्बा और भतरा सहित विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने उनसे यह आग्रह भी किया कि वे अपनी सामाजिक बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बारे में चर्चा करें. यदि किसी के बच्चे पढ़ाई के लायक हैं तो समाज के मुखिया उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करें. इलाज की जरूरत होने पर उनका इलाज कराने में मदद करें और बच्चों के रोजगार के लिए भी पहल करें. मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांग पर बस्तर संभाग में जहां स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ हुए हैं, वहां हॉस्टल खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे इन स्कूलों में दूर गांवों से आने वाले बच्चों को आवासीय सुविधा मिलेगी.
https://हाईकोर्ट ने ‘असंचयी’ रूप से एक वेतन वृद्धि रोकने की सजा को बड़ी सजा मानने से किया इंकार







