गोरेलाल तिवारी
भूपेश सरकार द्वारा हरियाली, तीज और कर्मा माता जयंती दिवस पर शासकीय अवकाश घोषित करने से जनता में खुशी है. गौरतलब है कि इसके पूर्व छत्तीसगढ़ शासन विश्व आदिवासी दिवस और छठ पूजा पर्व पर भी शासकीय अवकाश की घोषणा कर चुका है. छत्तीसगढ़ में हरियाली पर्व विशेष स्थान रखता है. यह पर्व पूरे छत्तीसगढ़ में बड़े ही उत्साह और आदर के साथ मनाया जाता है. जिसमें खेती-किसानी में उपयोगी मवेशियों सहित गौ माता की पूजा की जाती है. इसी के साथ खेती-किसानी के औजारों की भी पूजा होती है. सबसे खुशी की बात यह भी है कि हरियाली के बाद ही सभी त्यौहारों का पदार्पण होता है. इसी तरह तीज त्यौहार सनातन धर्म के अंतर्गत महिलाओं का विशेष पर्व होता है. जिसमें महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती हैं.
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तीज अवकाश से खासकर नौकरी पेशे वाली महिलाओं को व्रत पूजा का पूरा अवसर मिलेगा. इसी तरह भक्त माता कर्मा के प्रति पूरे छत्तीसगढ़वासियों की श्रद्धा और आस्था है. कर्मा जयंती पर अवकाश घोषित कर प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने न सिर्फ प्रदेशवासियों को उत्साहपूर्वक मनाने का अवसर दिया है अपितु अपनी श्रद्धा और आस्था भी प्रकट की है जो स्वागतेय है. छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है. जिसके लिए विश्व आदिवासी दिवस को शासकीय अवकाश घोषित कर उक्त समुदाय को उल्लासपूर्वक मनाने का अवसर दिया गया है. इसी तरह छठ पूजा भी सनातन धर्म का एक विशेष मनाया जाने वाला पर्व है. छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर आजादी के 70 साल बाद यह प्रथम अवसर है कि भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने ध्यान दिया है. जन मानस की आकांक्षा है कि इसी तरह से राजभाषा छत्तीसगढ़ी को भी शासकीय कामकाज में प्राथमिकता प्रदान कर लागू करें.
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