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सचिव के खिलाफ कार्रवाई न होने से क्षुब्ध सरपंच ने दी आत्मदाह की चेतावनी

Published on: December 17, 2020
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पिथौरा. जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाटनदादर के सरपंच मोहन बरिहा ने पंचायत सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ग्राम पंचायत पाटनदादर में लंबे समय से पदस्थ सचिव सुखसागर जगत के द्वारा सूचना दिए बगैर चंद पंचों को बुलाकर मासिक बैठककर गलत तरीके से अनेक फर्जी प्रस्ताव तैयार किए. इसके अलावा सरपंच श्री बरिहा ने बताया कि सचिव के सारे गलत कारनामे की लिखित शिकायत सीईओ जनपद पिथौरा व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को की गई  पर आज तक सचिव के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई. सचिव पर कार्रवाई किए जाने की मांग के साथ उन्होंने अधिकारियों को लिखित चेतावनी दी कि यदि सचिव पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे आत्मदाह कर लेंगे. दूसरी ओर इस पंचायत के सचिव ने इस प्रतिनिधि के सामने सरपंच द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि वे जनप्रतिनिधियों के सम्मान करते हैं.

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विगत तीन माह से पंचायत मद से एक भी आहरण नहीं हुआ है. जानकारी के अनुसार पाटनदादर के सरपंच मोहन बरिहा ने बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पिथौरा, थाना प्रभारी सांकरा को न्याय नहीं मिलने से आत्महत्या कर लेने संबंधी लिखित ज्ञापन सौंपा है. मोहन बरिहा के पंचायत सचिव का व्यवहार ठीक नहीं होने के आरोप के बाद  सरपंच संघ के अध्यक्ष, सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि  उक्त मामले ने जनपद के मुकाअ से मिले. इस मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप कुमार प्रधान ने बताया है कि मोहन बरिहा का पत्र हमें मिला है आत्महत्या करना कानूनन अपराध है, मोहन बरिहा की शिकायत कॉपी को जिला पंचायत के सीईओ को भेजा गया है, सचिव को हटाने संबंधी पत्र पहले भी मिले हैं. उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है.


सरपंच के आरोप गलत : सचिव

दूसरी ओर सचिव सुखसागर जगत ने इस प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए बताया कि सरपंच द्वारा उन पर लगाए गए आरोप गलत है. वे उनका पर्याप्त सम्मान करते हैं. सरपंच की विकास कार्यों के प्रति बेरुखी के कारण उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें सूचना भेज कर मनरेगा कार्य प्रारम्भ कराने सूचना भेजी गई थी पर उन्होंने सूचना रजिस्टर में हस्ताक्षर भी नहीं किया. जिससे पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. पंचायत मद से उनकी अनुपस्थिति में प्रताव कर रुपए आहरण की बात झूठी है क्योंकि राशि आहरण में सरपंच के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं. नियम विरुद्ध इस पंचायत से कोई भी आहरण नहीं किया गया है.

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