रायगढ़/लैलूंगा. लैलूंगा के स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली मुस्कान का ख्वाब है कि वह आईएएस बने. वह आईएएस बनने के लिए वह कुछ टिप्स और कोचिंग भी लेना चाहती है, पर घर में आर्थिक तंगी की वजह से मुस्कान के चेहरे पर मुस्कुराहट की बजाए अक्सर शिकन ही आ जाती थी और उन्हें अपना ख्वाब टूटने का डर भी समाया रहता था. मंगलवार को जब प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात के माध्यम से आमजनों से मिलने लैलूंगा आए तो मुस्कान भी अपने पिता के साथ उनसे मिलने पहुंची. उन्होंने कहा कि सर मैं आईएएस बनना चाहती हूं. मैं इस साल दसवीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में तीसरे स्थान पर आई हूं. कोचिंग करना चाहती हूं. मुख्यमंत्री ने अपनी बाजू में बैठे आईएएस, आईपीएस की ओर इशारा करते हुए कहा ये देखिए ये सभी आईएएस और आईपीएस हैं.
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इन्होंने कभी कोचिंग नहीं की और आज आईएएस और आईपीएस हैं. इसके लिए अच्छे से पढ़ाई की जरूरत है. चेहरे पर शिकन लिए छात्रा मुस्कान ने कहा कि मैं मध्यमवर्गीय परिवार से हूं. आर्थिक मदद मिल जाती तो अच्छे से तैयारी करती और आईएएस बनती. छात्रा की बातों को ध्यान से सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उनसे ही पूछ लिया बताओ कितना चाहिए. कुछ सेकंड सोचने के बाद छात्रा ने दो लाख रुपए की बात कही तो मुख्यमंत्री ने तत्काल हामी भरते हुए कहा कि आपका काम हो जाएगा. आप अच्छे से बस पढ़ाई करिए. इस तरह उन्होंने 2 लाख रुपए उच्च शिक्षा के लिए स्वीकृति प्रदान करते हुए उनके साथ आए उनके पिता और आईएएस बनने की ख्वाब लिए मुस्कान के चेहरे पर मुस्कान ला दी.







