रायपुर. राज्य शासन द्वारा बंधक श्रमिक पुनर्वास के लिए वित्तीय वर्ष 2018-2019 के लिए आबंटित राशि निर्धारित समय-सीमा में आहरित नहीं करने वाले पांच अधिकारियों पर एक-एक इंक्रीमेंट रोकने की कार्रवाई की गई है. श्रमायुक्त कार्यालय से इस आशय का पत्र संबंधितों को भेज दिया गया है. उल्लेखनीय है कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के निर्देश और श्रम आयुक्त रायपुर के आदेश पर बंधक श्रमिक पुनर्वास कोष के गठन के लिए 7 जुलाई 2018 को सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय रायपुर तथा रायगढ़ और श्रम पदाधिकारी कार्यालय जगदलपुर, बलौदाबाजार एवं महासमुंद ज़िले को दस-दस लाख रुपए की राशि आबंटित की गई थी.
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इन कार्यालयों द्वारा आबंटित राशि निर्धारित समय अवधि में आहरित नहीं की गई. जिसके कारण वह राशि लैप्स हो गई और संबंधित जिलों में बंधक श्रमिक पुनर्वास कोष का गठन नहीं किया जा सका. इन जिलों के अधिकारियों की लापरवाही को राज्य शासन द्वारा गंभीरता से लेते हुए सहायक श्रमायुक्त जिला रायगढ़ विकास सरोदे, रायपुर जिले के तत्कालीन प्रभारी सहायक श्रमायुक्त शोएब काजी, जगदलपुर और बलोदाबाजार ज़िले के श्रम पदाधिकारी क्रमशः बीएस बरिहा एवं तेजेश चंद्राकर तथा महासमुंद ज़िले के सहायक श्रम पदाधिकारी घनश्याम पाणिग्रही की एक-एक इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश दिए गए हैं.
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