नई दिल्ली. मोदी सरकार ने शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ‘वन रैंक, वन पेंशन’ योजना के प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई है. इससे पेंशनधारक डिफेंस कर्मियों और उनके परिवारों को लाभ मिलेगा. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इसका फायदा युद्ध में शहीद होने वाले जवानों की विधवाओं और दिव्यांगों को भी होगा. इसके लिए सरकार को हर साल 8450 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी. इस योजना का फायदा पहले 20.60 लाख पेंशनरों को होता था, लेकिन संशोधन के बाद करीब 25.13 लाख लोग इसका लाभ ले पाएंगे.
https://ICICI बैंक की पूर्व एमडी चंदा कोचर और उनके पति गिरफ्तार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस संशोधन के तहत जुलाई 2019 से जून 2022 का बकाया भी दिया जाएगा. इसके लिए सरकार को 23,638.07 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी. सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इस संशोधन से युवाओं का सशस्त्र बलों की ओर रुझान बढ़ेगा. प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि भारत सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसे लेकर एक ट्वीट भी किया जिसमें लिखा कि कैबिनेट ने ‘वन रैंक, वन पेंशन’ के तहत रक्षा बलों के कर्मचारियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों के पेंशन में अगले संशोधन को मंजूरी दी है. इससे सरकार पर अतिरिक्त भार 8,450 करोड़ रुपए का पड़ेगा.
https://सिक्किम में जेमा इलाके में सड़क हादसे में सेना के 16 जवानों की मौत










