रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर रेडी टू ईट की सामग्री और सूखा राशन वितरित करने तथा कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करने के काम की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नए मरीज मिल रहे हैं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुनः घर-घर भेजकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए और संदिग्ध मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ऐसे मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करायी जाए. मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय पर आयोजित महिला और बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए. बैठक में बताया गया कि बस्तर क्षेत्र में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए अण्डा वितरण प्रारंभ किया गया है.
http://कोरोना संक्रमित मिलने के तत्काल बाद जिले में 3 कंटेन्मेंट जोन घोषित
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए स्थानीय स्तर पर ही अण्डा लिए जाएं. इससे मुर्गी पालन से जुड़े स्थानीय लोगों को फायदा होगा. उन्होंने गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए. श्री बघेल ने कहा कि इससे बच्चों के लिए ताजे अण्डे मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने गौठानों में मनरेगा से मुर्गी पालन के लिए शेड का निर्माण कराने और स्व सहायता समूहों को डीएमएफ तथा सीएसआर मद से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने स्व सहायता समूहों को शहद उत्पादन से जोड़ने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों और महिलाओं को मुर्गी पालन और शहद उत्पादन के लिए सहायता दी जा सकती है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस वर्ष प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार साड़ियां वितरित की जाएंगी. प्रतिवर्ष कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दो-दो साड़ियां यूनिफार्म के रूप में दी जाती हैं. श्री बघेल ने इस योजना के माध्यम से बुनकरों को रोजगार दिलाने के निर्देश दिए थे.
http://खरखरा नाला में स्टापडेम निर्माण कार्य शुरू, 12 सौ एकड़ में होगी सिंचाई







