बागबाहरा. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने आवेदन पर एक नाबालिग बालिका की शादी की अनुमति दे दी. वर पक्ष बारात लेकर पहुंच भी गया था पर ऐन मौके पर पुलिस ने पहुंच कर यह शादी रूकवाई. मामला नगर के वार्ड 12 मंडी पारा का है. विदित रहे कि इन दिनों लॉकडाउन के कारण सरकार की गाइडलाइन के अनुसार शादी अथवा किसी भी कार्यक्रम आयोजन के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी पड़ रही है. इसी के तहत स्थानीय निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 2 पुत्रियों की शादी के लिए अनुविभागीय आधिकारी (रा) कार्यालय में अनुमति के लिए 28 अप्रैल को आवेदन किया था. अनुविभागीय अधिकारी ने पत्र क्रमांक- 522 में 5 एवं 6 मई 2020 को शादी समारोह के लिए अनुमति प्रदान की थी. इन लड़कियों में से एक बालिग और दूसरी नाबालिग हैं. नाबालिग बालिका की 5वीं की अंकसूची में जन्मतिथि 5 जनवरी 2005 अंकित है.
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जन्मतिथि के अनुसार यह बालिका मात्र 15 वर्ष की है. बताया जाता है कि बुधवार वर पक्ष बारात लेकर पहुंच गया था तभी किसी व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, चाइल्ड लाइफ कार्यालय महासमुंद को ख़बर कर दी. तब वहाँ से जानकारी बागबाहरा थाने में दी गई तब पुलिस, चाइल्ड्स केयर एवं महिला बाल विकास की टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रूकवाई. परियोजना अधिकारी सीएल साहू ने कहा कि मेरी ड्यूटी दूसरी जगह लगी हुई थी पर जानकारी में आया कि बागबाहरा के वार्ड 12 मंडी पारा में एक बालिका का विवाह हो रहा था. स्थानीय महिला बाल विकास की टीम, चाइल्ड केयर टीम एवं पुलिस अमला ने शादी रूकवाई. इस मामले में मीडिया के पूछने पर एसडीएम ने कहा कि आवेदन में वर-वधु की उम्र लेने का कॉलम नहीं है. नाबालिग की शादी अपराध है. परिजन इसके लिए जिम्मेदार हैं.
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