रजिंदर खनूजा
पिथौरा. भाजपा नेता एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश सरकार द्वारा शराब दुकान प्रारंभ कर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाने के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार को प्रदेशवासियों के जान-माल की कोई चिंता नहीं है. इसलिए वह लोगों को घर-घर शराब पहुंचा कर देने के लिए डिलीवरी बॉय की नियुक्ति कर रही है. शराबबंदी का वायदा करने वाली सरकार का ये कैसा काम है कि वो शराब नहीं पीने वालों को भी शराबी बनाने की कोशिश कर रही है. बुधवार को नगर में अपने निजी कार्य से पहुंचे नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भाजपा नेता शंकर अग्रवाल के निवास में इस प्रतिनिधि से विशेष चर्चा की. श्री कौशिक ने कहा कि विश्व के बाद देश में भी कोरोना महामारी का संकट गहरा गया है. इस संकट से उबरने के लिए केंद्र सरकार ने अनेक उपाय किए हैं. इसमें एक उपाय लॉकडाउन भी है.
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लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है. इसके अलावा धारा 144 भी लागू की गई है. जिसके तहत कहीं भी भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रम आयोजित नहीं करने हैं पर छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब दुकानें खुलवाकर जिस तरह से सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रही है उससे विगत 2 माह से लॉकडाउन का पालन कर रहे आम लोग चिंतित हो गए हैं. शराब दुकानों में उमड़ी बेतहासा भीड़ इसकी गवाह है कि सरकार स्वयं धारा 144 एवं सोशल डिस्टेसिंग का उल्लंघन करा रही है. इस सरकारी कदम से कभी भी प्रदेश पर कोरोना का संकट आ सकता है. श्री कौशिक ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है. उन्होने कहा कि शराब घर-घर पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा डिलीवरी बॉय नियुक्त किया गया है. सरकार को प्रदेश की परंपरा के विपरीत शराब की इस मार्केटिंग को तत्काल बंद कराने चाहिए. उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय लोगों से अन्याय कर रही है. चिल्हर दुकानदारों को छूट देकर उन्हें सप्ताह में मात्र 2 दिन चंद घण्टों के लिए दुकानदारी करने के आदेश दिए गए हैं जबकि शराब की दुकान प्रतिदिन सुबह से शाम तक खुली रहेंगी.
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जहां न तो सोशल डिस्टेंस का कोई पालन होता है और ना ही धारा 144 का पालन हो रहा. चुनाव के पहले शराबबंदी की घोषणा करने वाली कांग्रेस अब अपने वायदे से मुकर गई है. वर्तमान में लॉकडाउन के कारण दो माह शराब दुकानों के बंद रहने के कारण प्रदेश में खासा सुधार आया था. अपराध थम गए थे, शराब पीने वाले धीरे-धीरे शराब छोड़ने लगे थे. यही उपयुक्त समय था जब सरकार अपना वायदा पूरा कर शराबबंदी कर सकती थीं. प्रदेश की जनता शराब से मुक्ति पाना चाहती थीं. इसलिए हम भी शराबबंदी के सरकार के निर्णय का स्वागत करते पर सरकार अपनी कमाई के लिए प्रदेशवासियो को अधिक से अधिक शराब उपलब्ध करवाकर उन्हें शराबी बनाकर अपना खजाना भरना चाहती है. ये बात विगत दो दिनों में प्रदेश में बिकी 70 हजार करोड़ की शराब से साबित हो जाती है.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) May 6, 2020







