बागबाहरा. राज्य शासन ने नरुवा, गरुवा, घुरुवा, बारी महत्वाकांक्षी योजना पूरे प्रदेश में लागू की है. योजना के तहत गांवों में गौठान निर्माण कराया गया है. गौठानों का अवलोकन करने पर पाया गया कि गौठानों में चारा-पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर ने विभिन्न पंचायतों का भ्रमण कर मनरेगा और गौठान का निरीक्षण किया. उन्होने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जरुरतमंदों को प्रशासन राहत सामग्री तो उपलब्ध करा रहा है पर मवेशियों के लिए कहीं भी चारा-पानी की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई है. मवेशी चारा-पानी के लिए भटक रहे हैं. गौठानों में चारा-पानी का अभाव है, सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं है.
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अध्यक्ष स्मिता चंद्राकर, जनपद सदस्य ममता चंद्राकर ने ग्राम पंचायत नरतोरी में मनरेगा योजना से संचालित कार्य में लगे मजदूरों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और कोरोना महामारी से बचने सावधानी से रहने सुझाव दिए. अध्यक्ष ने क्षेत्र के ग्राम बोड़रीदादर, फिरगी, छुईहा, सोनदादर, गांजर, सम्हर का दौरा किया. यहां ग्रामीणों से मुलाकात कर हाल-चाल जाना. ग्रामीणों ने मनरेगा के तहत काम खोलने की मांग की है पर काम की स्वीकृति नहीं दी जा रही है इसलिए मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या है. फिरगी के सरपंच टोपसिंग ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में डबरी निर्माण, भूमि सुधार का प्रस्ताव विगत माह भेजा गया है पर स्वीकृति नहीं मिली है. पंच रामजी चक्रधारी, भेखराम ठाकुर, कन्हैया ठाकुर ने कहा कि छुईहा पंचायत में मजदूरों के लिए स्थानीय स्तर पर कोई काम नहीं है तत्काल मनरेगा का काम शुरु कराई जाए जिससे मजदूरों को राहत मिल सके. अध्यक्ष ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपके गांव में तत्काल कार्य प्रारंभ कराया जाएगा. मांग पश्चात कार्य की स्वीकृति क्यों नहीं हुई इस संबंध में जानकारी लेकर सप्ताह भर के अंदर मनरेगा का काम शुरु कराया जाएगा.
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