रजिंदर खनूजा/गोरेलाल तिवारी
पिथौरा/कसडोल. वन परिक्षेत्र अर्जुनी में हाथियों का दल आ जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत का माहौल व्याप्त है. वन विभाग द्वारा लोगों को सावधान रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार अर्जुनी परिक्षेत्र के जंगलों में विगत सप्ताह भर से तेरह हाथियों का एक झुंड दोबारा आ धमका है. क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त है. स्थानीय वन प्रशासन द्वारा गांव-गांव में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने एवं महुआ बीनने जंगल की ओर न जाने की हिदायत दे रहे हैं. वहीं दूसरी ओर हाथियों के उत्पात से किसानों की फसल को हुए नुकसान पर क्षतिपूर्ति का प्रकरण बनाकर वन विभाग द्वारा राहत पहुंचने का कार्य की भी किया जा रहा है.
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जानकारों के अनुसार अभी महुआ गिरने का समय है एवं लॉकडाउन की स्थिति में सरकारी शराब की दुकान बंद होने के कारण अब गांव-गांव में महुआ शराब के पास की खुशबू की वजह से हाथियों का दल जंगल से गांव की ओर रुख कर रहा है. ज्ञात हो कि हाथी महुआ एवं शराब की गंध पाते ही भड़क जाते हैं और कुछ न कुछ गम्भीर वारदात को अंजाम देते ही हैं. अब ये हाथी क्षेत्र के किसानों की धान की फसलें एवं बाड़ियों में लगी हरीभरी सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
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एक सप्ताह से विचरण : रेंजर
वन विभाग अर्जुनी के रेंजर टीआर वर्मा ने बताया कि अर्जुनी परिक्षेत्र में कुल 13 हाथियों का दल विगत 1 सप्ताह से रेंज के 8-10 गांव में विचरण कर रहा है. इनके विचरण करने से प्रभावित गांव में प्रमुख रूप से महकोनी, दलदली, घोंसड़ा, गिंडोला, अर्जुनी, सिरमाल, गांजरडीह, नगेड़ा, सरायपाली, बिलारी आदि गांव में किसानों के सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में लगे धान को नुकसान पहुंचा है. श्री वर्मा ने ग्रामीणों से जंगलों में न जाने की अपील की है हाथियों से फसल नुकसान क्षतिपूर्ति प्रकरण बनाकर उच्च कार्यालय को अवगत कराकर किसानों को शीघ्र ही क्षतिपूर्ति मुआवजा देने का प्रयास किया जा रहा है.







