महासमुंद. लॉकडाउन होने के बावजूद जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. अब तक करीब 28 लोगों को होम क्वारंटीन में रखा जा चुका है. जानकारी के अनुसार गुरूवार रात तिरूपति से महासमुंद पहुंचे 18 ग्रामीणों को भी संदेहादस्पद परिस्थितियों में चिन्हांकित कर शहर के नयापारा स्थित टाउन हॉल में आश्रय दिया गया है. वहीं अन्य जिलों में स्थापित होम क्वारंटीन के संदिग्ध मरीजों के बेधड़क बाहर घूमते पाए जाने की सूचनाएं मिलने से जिले का स्वास्थ्य अमला पहले से ही सतर्क हो गया है. गुरूवार रात राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकार और कोरोना वायरस संक्रमण दल के जिला नोडल अधिकारी डॉ अनिरुद्ध कसार ने यहां निरीक्षण और परीक्षण किया. इस दौरान संदिग्ध मरीजों के बाएं हांथ की अंगुलियों पर अमिट स्याही लगा चिन्हांकन किया.
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स्याही इस बात की गवाह रहेगी कि उन्हें संक्रमण की संदिग्धावस्था में रखा गया है. जिसमें उन्हें संयमित रहते हुए स्वयं के साथ दूसरों के स्वास्थ्य हित में होम क्वारंटीन जैसे नियमों का कड़ाई से पालन करना है. बता दें कि यह स्याही कोई आम स्याही नहीं है इसे शासन स्तर पर कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए अनुमति दी गई है. जिससे संक्रमण के संदिग्ध लोग स्वयं के साथ दूसरों के जीवन से खिलवाड़ न करें. इसके अंगर्तत चिन्हांकन के बाद भी बाहर घूमते पाए जाने पर उनके विरुद्ध प्राथमिकी तक दर्ज किए जाने के प्रावधान है. अर्थात इन नियमों के उल्लंघन को अपराध की श्रेणी में रखा गया है. डीपीएम ताम्रकार के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद तय किया जाएगा कि उक्त प्रकरणों में संदिग्ध मरीजों क्वारंटीन केंद्र में रखा जाएगा या नहीं. लेकिन, पहले से की गई तैयारी में तीन विशेषज्ञ चिकित्सों में डॉ गदाधर पंडा, डॉ के बी सिंह और डॉ सर्वेश दुबे सहित एएनएम लता साहू के अनुभवी दल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं हैं.
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