रजिंदर खनूजा
पिथौरा. स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना के तीसरे स्टेज को रोकने कोई तैयारी दिखाई नहीं दे रही. डॉक्टर पूर्व की तरह आधे से एक घंटे देर से आ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में कोरोना की दहशत के चलते स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है. इनमें अधिकांश मरीज सर्दी, खांसी, बुखार के हैं. गुरुवार को नगर के मांस, मटन एवं चाट सहित ठेले खोमचे नगर पंचायत द्वारा कलेक्टर के आदेश के बाद बन्द करवा दिए गए. इस दौरान इस प्रतिनिधि ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर वहां के हालात देखे. शाम करीब 5 बजे अस्पताल पहुंचने पर वहां कोई डॉक्टर ओपीडी हेतु मौजूद नहीं था.
वहाँ सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित जनभागीदारी समिति के एक पूर्व सदस्य उपचार हेतु पहुंचे थे पर ओपीडी खुली थी वहां कोई भी डॉक्टर नहीं था. बल्कि एक डॉक्टर अस्पताल के केंटीन के पास बैठे दिखे तब उन्होंने उनसे अपनी परेशानी बताई. पीड़ित की परेशानी सुनकर उपचार बताने की बजाय डॉक्टर ने उन्हें साफ कहा कि उनकी ड्यूटी नहीं है. इसके करीब 20 मिनट बाद एक आरएमएआई और ओपीडी चालू हो सकी.
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ओपीडी में हुए दोगुने मरीज
स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विगत तीन दिनों से मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है. तीन दिन पूर्व तक ओपीडी हेतु 100 से 150 तक ही पर्चियां कटती थी जो कि अब 200 से 300 तक पहुंच चुकी है. अस्पताल की जानकारी के अनुसार ओपीडी में आ रहे अधिकांश मरीज सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित ही पहुंच रहे हैं. बताया जाता है कि कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार होने की बात पता चलते ही मौसमी सर्दी खांसी वाले भी तत्काल अस्पताल पहुंच रहे हैं. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीएमओ डॉ तारा अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी पूर्व की तरह ही चल रही है. जिला प्रशासन के निर्देश पर 3 बेड एक निजी अस्पताल में और 10 बेड जगदीशपुर के सेवा भवन में रिसर्व रखे गए हैं. दो बेड स्थानीय अस्पताल में है पर डॉक्टरों की ड्यूटी पूर्व की तरह ही चल रही है.
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तीसरे स्टेज से बचना जरूरी
कोरोना वायरस के तीसरे स्टेज से बचाव के लिए पूरे देश में वायरस फैलने के सम्भावित खतरे से बचने के लिए सरकार युद्ध स्तर पर जुटी है. पर शासन के इस प्रयास को कोई दूसरा नहीं उनके ही अफसर गंभीरता से लेते नहीं दिखते. ज्ञात हो कि कैरोना वायरस चौथे स्टेज तक पहुच कर महामारी का रूप ले लेता है जिससे बचने केंद्र से लेकर राज्य सरकारें एवम स्थानीय प्रशासन भी पूरी गम्भीरता से जुटे हैं. जानकारों के अनुसार कोरोना वायरस पहले स्टेज पर विदेशों से आने वाले लोगों के माध्यम से पहुंचा,
इसके बाद दूसरे चरण में स्थानीय लोगों से विदेश से संक्रमित होकर आए लोगों के सम्पर्क में आने वाले स्थानीय निवासी भी संक्रमित होने लगते हैं. इसके बाद आने वाले तीसरे स्टेज से बचना सबसे जरूरी कदम है. इसे कम्युनिटी ट्रांसमिशन की बहुत ज्यादा सम्भावना होती है. इस समय दूसरे स्टेज में संक्रमित हो चुके लोग जब भीड़ में जाते हैं तब उस भीड़ के अधिकंश लोग इससे संक्रमित ही सकते हैं. इसी कम्युनिटी ट्रांसमिशन से देश के नागरिकों को बचाने सरकारे अपनी पूरी ताकत लगा रही है. क्योंकि इस स्टेज के बाद ये बीमारी महामारी का रूप भी ले सकती है.







