महासमुंद. जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है. इसके साथ ही जिले में सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक सांस्कृतिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रतिबंध लग गया है. कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुनील कुमार जैन ने आज धारा-144 लागू करते हुए आदेश में कहा है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) एक संकामक बीमारी है, जो विश्व के विभिन्न देशों में कुछ ही हफ्तों में महामारी का रूप ले रही है. स्वास्थ्य की दृष्टि से यह तथ्य परिलक्षित है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के सम्पर्क से पीड़ित संदेही से दूर रहने की संगरोध की सख्त हिदायत दी है. कोरोना वायरस (कोविड-19) रेग्युलेशन के अंतर्गत इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए संकामक व्यक्ति को घर संगरोध में चिकित्सा हेतु लाया जाना सुनिश्चित किया जाए.
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छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि इससे बचने के सभी संभावित उपाय अमल में लाया जाए. संक्रमण से बचाव के लिए जिले में स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियत्रंण में रखने के लिए विभिन्न प्रकार के सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक सांस्कृतिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन इत्यादि को प्रतिबंधित कर दण्ड प्रकिया संहिता की धारा 144 करने के लिए अनुशंसा की गई है. कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री जैन द्वारा धारा-144 दण्ड प्रकिया संहिता में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले के सभी नगरीय सीमा क्षेत्र के तहत महासमुन्द, तुमगांव, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली में धरना प्रदर्शन, रैली प्रदर्शन, सभाए, जुलूस आंदोलन एवं अन्य प्रकार के प्रदर्शनों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है. परिस्थिति के कारण प्रभावितों को सम्यक समय में तामिली संभव नहीं होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है. इस आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता में निहित प्रावधानों के तहत दण्डनीय होगा. यह आदेश पुलिस, सी.आर.पी.एफ. तथा कानून व्यवस्था में लगे कर्मियों पर लागू नहीं होगा. यह आदेश जिले के लिए तत्काल प्रभावशील होगा, जो 31 मार्च 2020 या अग्रिम आदेश तक प्रभावशील होगा.
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