बागबाहरा. ग्राम पंचायत देवरी में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा चार वर्ष पूर्व निर्मित बालिका छात्रावास की स्थिति जर्जर अवस्था में है. इस छात्रावास में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की बालिकाएं रहकर पढ़ाई करती हैं. उल्लेखनीय है कि शनिवार को जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर, सांसद प्रतिनिधि हितेश चंद्राकर, विधायक प्रतिनिधि डिलेश्वर पांडे, सरपंच मुंशीलाल साहू औचक निरीक्षण करने पहुंचे. निरीक्षण में पाया गया कि छात्रावास के कमरों में लगाए गए दरवाजे सड़कर नष्ट हो गए हैं. बिना दरवाजे के कमरों में कपड़े का पर्दा लगाकर बच्चियों को ठहराया गया है. छात्रावास की स्थिति देख हतप्रभ स्मिता चंद्राकर ने कहा कि बगैर दरवाजे के कमरों में बच्चियों को ठहराया जाना लापरवाही को दर्शाता है. ग्रामीण अंचल में संचालित छात्रावासों का निरीक्षण सक्षम अधिकारी नहीं करते.
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यदि निरीक्षण किया जाता तो यह दृश्य देखने को नहीं मिलता. विभागीय लापरवाही खुलकर दिखाई दे रहा है. प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. विभागीय अधिकारी बेखबर : स्मिता चंद्राकर ने कलेक्टर से भवन निर्माण करने वाले एजेंसी एवं ठेकेदार के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की मांग की है. उन्होने बताया कि भवन निर्माण में गंभीर अनियमितता बरती गई है यदि तत्काल प्रभाव से इस का मरम्मत नहीं कराया गया तो वे स्वयं राज्य शासन से शिकायत करेंगी. उन्होने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों को पढ़ाई के लिए समान अवसर नहीं मिल पाता. इन बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से छात्रावास भवन खोले गए हैं. भवन के कमरों में दरवाजे, पानी टंकी जैसी मूलभूत चीजें अव्यवस्थित और खराब है और विभागीय अधिकारी बेखबर हैं. अध्यक्ष स्मिता चंद्राकर ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ब्लॉक के सभी छात्रावास भवन का निरीक्षण कराई जाए और सभी आवश्यक चीजों की व्यवस्था हर हाल में किया जाए यदि व्यवस्था नहीं की जा सकती तो छात्रावास आश्रम भवनों मे व्यवस्था होने तक छात्रावासों को तत्काल बंद कर दिया जाना चाहिए.
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