पिथौरा. विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बुंदेली की सरपंच सुनीता दीवान पर 500060 रुपए की रिकवरी के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने उन्हे चुनाव हेतु अयोग्य नहीं माना और वह पुनः चुनाव लड़ कर निर्वाचित हो गईं. इस मामले ने पंचायती राज नियमों की धज्जियां उड़ा दी है. अब स्थानीय एसडीएम के पास उक्त सरपंच से वसूली हेतु जिले से आदेश मिले हैं. जानकारी के अनुसार बुंदेली सरपंच के पूर्व कार्यकाल के दौरान विभिन्न मद से की गई गड़बड़ियों की जांच के बाद उन पर करीब 5 लाख रुपए वसूली किए जाने की रिपोर्ट जांच के बाद दी गई. पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नियमतः उन्हें 6 साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जाना था. पर जिला प्रशासन की कृपा से वे चुनाव लड़कर जीत भी गई.
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ज्ञात हो कि उक्त मामले की जांच रपट 8 नवंबर को जिला पंचायत पहुंच चुकी थीं और नामांकन 3 से 6 जनवरी था. बावजूद उक्त सरपंच को अयोग्य घोषित करने की बजाय उन्हे चुनाव लड़ने की छूट दे दी गई. इस मामले में ग्राम पंचायत बुंदेली के ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों के पास इसकी लिखित शिकायत भी की थी. पर इसके बाद भी जिला स्तर के अफसरों की उक्त सरपंच पर मेहरबानी अनेक संदेहों को जन्म दे रही है. अब ग्रामीण पुनः उच्च स्तर पर पूरे मामले की शिकायत कर रहे है इसके लिए वे न्यायालय तक जाकर कार्रवाई की मांग करेंगे. उक्त मामले में सीजी जनादेश ने पिथौरा के सीईओ प्रदीप प्रधान से चर्चा की. श्री प्रधान ने बुंदेली सरपंच के विरुद्ध रिकवरी की बात कबूल करते हुए बताया कि सरपंच से वसूली हेतु जिला कार्यालय से जांच रपट एसडीएम पिथोरा को सौंपी गई है.
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