विष्णुचंद्र शर्मा
खरसिया. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए गांव-गांव में गौठान का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं शासन की महती योजना को ठेंगा दिखाते हुए प्रशासन द्वारा गोचर भूमि पर स्थित गौ सेवा संस्थान पर कहर बरपाया गया है. ऐसे में लगभग 100 गोवंश पर मुसीबत का पहाड़ टूट गया है. ग्राम पामगढ़ स्थित श्रीकृष्णा गौशाला पर सोमवार को खरसिया प्रशासन ने कड़ाई बरतते हुए गोचर भूमि पर बनी लगभग एक तिहाई गौशाला को अपने अधिकार में ले लिया है. बताया जा रहा है कि यहां विद्युत सब स्टेशन बनाने की स्वीकृति पूर्व में पंचायत द्वारा दी गई थी. वहीं गौशाला संचालक रामनारायण पटेल ने बताया कि बिना किसी व्यावसायिक उद्देश्य से बाकायदा 25 लोगों की समिति बनाकर यहां मात्र गौ सेवा ही की जाती रही है. बीमार एवं बूढ़ी गायों को यहां व्यवस्थित रूप से जीवन यापन के लिए सुविधा दी जाती रही है.
http://किसानों को लगातार जलील कर रही कांग्रेस सरकार : भाजपा
वहीं पटेल की गौ सेवा का जज्बा प्रशासन की इस कहर के बाद भी नहीं टूट पा रहा. उन्होंने कहा कि जितनी निजी जगह गौशाला के लिए बची हुई है, उसी में गौ संरक्षण का कार्य निर्बाध रूप से जारी रहेगा. पामगढ़ के ग्रामीणों की मानें तो सत्ता पक्ष के प्रत्याशी ने सरपंच एवं जनपद सदस्य के चुनाव में मिली हार की खीज को गौ सेवा संस्थान पर उतारा है. कारण महज इतना रहा कि गांव के विकास के उद्देश्य को लेकर सरपंच चुनाव में निवर्तमान सरपंच के विरुद्ध अन्य प्रत्याशी को गौशाला संचालक द्वारा समर्थन दिया गया था. जिसका खामियाजा बीमार एवं बूढ़ी गायों को झेलना पड़ा. गौशाला प्रबंधन द्वारा हाल ही में भव्य भागवत कथा का आयोजन करवाया गया था. जिसमें कथा श्रवण हेतु कैबिनेट मंत्री उमेश पटेल भी पहुंचे थे. मंत्री पटेल ने गौ सेवा संस्थान को सराहा भी था. परंतु सरकार की महती योजना को ही ठेंगा दिखा रही इस कार्रवाई पर पूरा शासन-प्रशासन विरोध में खड़ा नजर आ रहा है.
http://सफाई व्यवस्था देखने पहुंचे नपाध्यक्ष ने यात्री प्रतीक्षालय में लगवाए बैंच







