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निर्वाचित होती हैं तो प्रदेश में पहली दृष्टिहीन महिला सरपंच होने का गौरव हासिल करेंगी सरिता

Published on: January 25, 2020
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रजिंदर खनूजा

पिथौरा. विकासखण्ड के जगदीशपुर की एक दृष्टिहीन महिला सरिता कोंध सरपंच का चुनाव लड़ रही हैं. सरिता जिले की पहली महिला दृष्टिहीन अभ्यार्थी होंगी. पिथौरा विकासखंड के अंतर्गत जगदीशपुर ग्राम पंचायत में सरपंच पद हेतु सरिता सहित पांच आदिवासी महिलाओं ने नामांकन पत्र दाखिल किया है. इस संबंध में सरिता ने बताया कि उन्होंने पहली बार जनप्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित होने के लिए ग्राम पंचायत जगदीशपुर से सरपंच पद के लिए नामांकन पत्र भरा है और चुनावी मैदान में हैं. उन्होंने जगदीशपुर को मायका बताया और कहा कि हम इस गांव के विकास के लिए अपना योगदान देना चाहती हैं. मैं दृष्टिहीन लाचार जरूर हूं लेकिन अन्य लोगों की तुलना में मैं बेहतर काम कर सकती हूं. मैने अब तक अकेले ही विकासखण्ड मुख्यालय जा जा कर अपने जीवकोपार्जन के लिए संघर्ष किया है.

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ब्रेललिपि में हायर सेकेंडरी

ग्राम पंचायत जगदीशपुर में आज भी कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और लोगों को सही समय पर सुविधाएं मिले यह उनकी कोशिश होगी. सरिता बताती हैं कि उन्हें पंचायत का कार्य करने में किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि उन्होंने ब्रेल लिपि में बारहवीं उत्तीर्ण की है. दिल्ली की एक संस्था में रहकर अपनी शिक्षा पूरी की है कई दृष्टिबाधित लोग शासन के ऊंचे ओहदे पर काम कर अपनी क्षमता एवं दक्षता का परिचय दे रहे हैं तब वे क्यों नहीं दे सकतीं. ज्ञात हो कि इस बार जगदीशपुर सरपंच पद आदिवासी महिला के लिए आरक्षित होने के कारण सरिता ने चुनाव लड़ने की इच्छा से लोगों से आशीर्वाद मांगा है.

उन्होंने आगे कहा कि वे दिव्यांगजनों के विकास को लेकर भी ठोस पहल करेंगी और उनके पेंशन से संबंधित समस्याओं को शासन स्तर तक पहुंचाने का प्रयास होगा. सरपंच पद हेतु नामांकन दाखिल कर सबको चौंका देने वाली सरिता अगर सरपंच पद पर निर्वाचित होती हैं तो जिले ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश में पहली दृष्टिहीन महिला सरपंच होने का गौरव हासिल करेंगी जिसका फैसला जगदीशपुर के मतदाताओं को करना है. बताया जाता है कि नामांकन के दौरान जब नामांकन पत्र के साथ सरिता ने जब दृष्टिहीन प्रमाण पत्र जमा किया तब पीठासीन अधिकारी भी चौंक गए थे. इसके लिए उन्होंने बकायदा चुनाव आयोग से मार्गदर्शन मांगा इसके बाद ही सरिता का नामांकन स्वीकृत किया गया.

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