रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने प्रदेश में अवैध शराब की पहुंच और खपत को लेकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है. उपासने ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी का वादा करके सत्ता पर काबिज हुई कांग्रेस सरकार छत्तीसगढ़ में खुलेआम शराब की नदियां बहाती नजर आ रही है. उन्होने कहा कि हाल के दिनों में प्रदेश समेत राजधानी से लगे अनेक स्थानों पर लाखों रुपए मूल्य की शराब की बरामदगी इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि प्रदेश सरकार ने शराबबंदी के मामले में छत्तीसगढ़ के साथ केवल छलावा किया है. शराबबंदी की नीयत ही इस प्रदेश सरकार की नहीं दिख रही है. उपासने ने कहा कि जब-जब शराब के गोरखधंधे और ओवररेट बिक्री का मुद्दा उठता है, यह सरकार छोटे मोहरों पर दिखावे की कार्रवाई करके प्रदेश को भ्रमित करने काम करती है.
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गोवा, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश आदि राज्यों से अवैध शराब की दर्जनों खेप छत्तीसगढ़ बेरोकटोक पहुंच रही है. इसका सीधा अर्थ यही है कि प्रदेश सरकार, आबकारी विभाग और शराब माफियाओं की मिलीभगत के चलते छत्तीसगढ़ को शराब की लत में डुबाने का काम चल रहा है. उपासने ने शराब के इस गोरखधंधे का प्रदेश में होने जा रहे पंचायत चुनाव से कनेक्शन होने की बात कहते हुए आरोप लगाया कि तस्करी की शराब से प्रदेश का सत्तारूढ़ दल मतदाताओं व चुनाव नतीजों को प्रभावित करने की मंशा रखता है. इस मामले में चुनाव आयोग को भी संज्ञान लेकर कारगर कार्रवाई करनी चाहिए. उपासने ने प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि शराबबंदी के लिए गठित समिति सालभर में भी शराबबंदी के बिन्दु नहीं सुझा पाई है. क्या प्रदेश सरकार निकाय और पंचायत चुनावों में शराब की नदियां बहाने की मंशा रखती थी. क्या इसीलिए समिति की रिपोर्ट आने में इतना वक्त लगाया जा रहा है. प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल और उनके मंत्री हर बार शराबबंदी के मसले पर उठे सवालों को समिति गठन तक सीमित कर टाल जाते है. जबकि प्रदेश की स्थिति दिन-प्रतिदिन बद-से-बदतर होती जा रही है. उन्होने कहा कि सालभर में भी शराबबंदी की दिशा में एक भी कदम तक नहीं बढ़ाने वाली सरकार जुमलेबाजी करके अपनी बदनीयती पर परदा डालने का काम कर रही है.
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