सरायपाली. नगर पालिका के बाद अब जनपद पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सियां डगमगाने लगी हैं. दरअसल, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध जनपद सदस्यों ने एक राय होकर अविश्वास प्रस्ताव पास कर हटाने कलेक्टर को आवेदन सौंपा है. जिसमें भाजपा समर्थित जनपद सदस्य भी शामिल है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 15 नवंबर को सरायपाली के 25 जनपद सदस्यों में से 19 सदस्यों ने भाजपा समर्थित जनपद पंचायत अध्यक्ष कुमारी भास्कर व भाजपा जनपद उपाध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी पर सही ढंग से कार्य का संपादन न करने, सदस्यों की पूछ-परख न करने आदि कई आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने अविश्वास प्रस्ताव लाने कलेक्टर को आवेदन सौंपा है. जनपद अध्यक्ष को हटाने को लेकर कांग्रेस समर्थित जनपद सदस्य की अपेक्षा भाजपा के जनपद सदस्य ज्यादा रुचि ले रहे हैं.
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19 सदस्यीय जनपद सदस्यों में से अधिकांश भाजपा समर्थित जनपद सदस्य होने की बात सामने आ रही है. जिसका आगामी 24 नवंबर को चुनाव होगा. जनपद अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला 24 को होगा. देखना यह होगा कि जनपद अध्यक्ष कुर्सी बचेगी या जाएगी. इस संबंध में जनपद पंचायत अध्यक्ष कुमारी भास्कर ने कहा कि वे सभी जनपद सदस्य को साथ में लेकर ही चल रही थी. एकाएक उनके मन में क्या भ्रम पैदा हो गई, जो हमारे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन किए हैं. किसी से न कोई बैर न दुश्मनी है. सभी सदस्यों को बराबर भी उनके क्षेत्र में विकास कार्य के लिए कार्य भी दिया गया है. बावजूद अविश्वास प्रस्ताव लाना समझ से परे है. उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं.
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