जांजगीर-चांपा. ‘सर, अवर पैरेंट्स आर वेरी हैप्पी बिकॉज ऑफ यू, दी प्लान ऑफ स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल इज हाइली अप्रिशिएटिड‘. यह वार्तालाप मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ रहे कक्षा ग्यारहवीं के छात्र साहिल साहू और छात्रा माही पांडे के बीच का है. बच्चों की फर्राटेदार अंग्रेजी सुनकर मुख्यमंत्री भी गदगद हो गए. ग्राम पंचायत सिवनी में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में आत्मानंद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने मुख्यमंत्री से अंग्रेजी में बात की. बच्चों ने बताया कि स्वामी आत्मानंद स्कूल के माध्यम से मिल रहे नि:शुल्क अंग्रेजी शिक्षा से उनके परिवार वाले बेहद खुश हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना का ही उद्देश्य गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चों को नि.शुल्क अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा दिलाना है.
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मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा कि पहले निजी स्कूलों में कितना फीस चुकाते थे. इस पर साहिल साहू ने बताया कि निजी स्कूल में पढ़ाई के दौरान प्रति 3 महीने में 15 हजार रुपए फीस चुकाने पड़ते थे. माही पांडे ने कहा कि उन्हें 20 हजार रुपए सालाना स्कूल फीस के रूप में देना पड़ता था. इससे घरवालों को आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता था. अब स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ने से फीस चुकाना नहीं पड़ता है. मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्वामी आत्मानंद स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी पूछा. जिस पर बच्चों ने स्कूल में उपलब्ध लैब, लाइब्रेरी, टीचर, शौचालय, प्लेग्राउंड और पढ़ाई व्यवस्था को अंग्रेजी में ही जवाब दिया. इस पर मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रशंसा करते हुए उनकी सराहना की.
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