रायपुर. मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि अगले सप्ताह मानसून की विदाई राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों से शुरू हो जाएगी. मौसम वैज्ञानिकों का है कि 19 सितम्बर को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा होगी अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ेंगे. प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की भी संभावना बन रही है. रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि सामान्य तौर पर राजस्थान से लौटते मानसून को छत्तीसगढ़ की सीमा पार करने में 10 से 15 दिन लगता है. अगर इस सप्ताह राजस्थान से वापसी शुरू हो गई तो अक्टूबर के पहले सप्ताह तक यहां से भी मानसून पीछे हट जाएगा. इससे पहले यहां बारिश का एक और मजबूत सिस्टम बन रहा है.
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जिसके प्रभाव से 21 से 24 सितम्बर तक छत्तीसगढ़ में बारिश होगी. इससे अधिकतर मध्य-उत्तर क्षेत्र प्रभावित हो सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून द्रोणिका गंगानगर, नारनौल, आगरा, वाराणसी, रांची, दीघा, और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व- मध्य बंगाल की खाड़ी तक मध्य समुद्र तल पर स्थित है. एक चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है. इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. इसके प्रभाव से एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे तटीय पश्चिम बंगाल-तटीय उड़ीसा के ऊपर 20 सितंबर को बनने की संभावना है. यह प्रबल होकर आगे बढ़ेगा. इसी के असर से छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश संभावित है.
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