कांकेर. अंतागढ़ में अधिकारी-कर्मचारियों का प्रदर्शन चल रहा है. वहां लगे पंडाल में 28 अगस्त को जनपद सीईओ पीआर साहू पहुंच गए. उन्होंने कहा कि केवल ट्रैक्टरों में भीड़ जुटाकर, उल्टी सीधी बातों पर ताली बजवाने की सच्चाई हम लोग जानते हैं. गोधन योजना से किसानों को लाभ नहीं हो रहा है. उनके नाम से फायदा उठाने की योजना बनाई गई है. उन्होंने कहा कि धान का ढाई हजार प्रति क्विंटल बोनस किसानों के फायदे के लिए नहीं बना है, क्योंकि उनके पास 5-10 एकड़ ही जमीन है. भूपेश बघेल की 150 एकड़, रविंद्र चौबे की 150 एकड़, डॉ. रमन सिंह की 150 एकड़ जमीन है. ऐसे बड़े-बड़े लोगों के लिए योजना चल रही हैं.
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उन्होंने कहा कि हम कोई भीख में नहीं ले रहे. ये भारत सरकार का नियम कहता है कि प्रत्येक साल में कम से कम दो बार बढ़ती मंहगाई के अनुरूप कर्मचारियों मंहगाई भत्ता पुनरक्षित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में केवल छत्तीसगढ़ ही 22 प्रतिशत डीए पर अटका है. बाकी जगह 30 प्रतिशत से अधिक है. छत्तीसगढ़ में हमने ऐसा मुख्यमंत्री पाया है, जो कहने को छत्तीसगढ़िया है, लेकिन उसे गेढ़ी चढ़ने, पोरा तीजा में नाचने से फुर्सत नहीं है. आज छत्तीसगढ़ को एक कुशल प्रशासनिक मुख्यमंत्री की जरूरत है. मैं भी छत्तीसगढ़िया होने के नाते मुख्यमंत्री के छत्तीसगढ़ी संस्कृति से लगाव का सम्मान करता हूं, लेकिन यह भी कहूंगा गेढ़ी चढ़ने या आदिवासी नृत्यों पर नाच करने से प्रदेश विकास नहीं होने वाला है.
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उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का वेतन देने के लिए बजट आबंटन का अभाव बताते हो. फिर आपके विधायक-मंत्री का वेतन बढ़ाने के लिए पैसा कहां से जाएगा. इस दौरान हड़ताल में बैठे अधिकारी और कर्मचारी भाषण सुनकर तालियां बजाते रहे. जनपद सीईओ पीआर साहू के इस भाषण का वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने मंगलवार को मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. यह समिति 2 सितंबर तक पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी. साथ ही जनपद सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब देने कहा गया है.







