नई दिल्ली. सरकार ने ITR के एक बड़े नियम में बदलाव कर दिया है. सरकार ने ई-वेरिफिकेशन के नियम में सख्ती कर दी है. वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक अब ऐसे लोगों को ई-वेरिफिकेशन के लिए सिर्फ 30 दिन ही मिलेंगे. आदेश के अनुसार, आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन या आईटीआर-वी की हार्ड कॉपी जमा करने की समय सीमा को मौजूदा 120 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दिया है, जो कि 1 अगस्त लागू कर दिया गया है. विभाग ने 29 जुलाई को एक अधिसूचना जारी कर समयसीमा में बदलाव की घोषणा की थी. एक अगस्त या इसके बाद अपना आयकर रिटर्न फाइल करने वाले टैक्स पेयर्स पर यह नियम लागू किए गए हैं.
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सीबीडीटी के नए नोटिफिकेशन के अनुसार अब इलेक्ट्रॉनिक रूप से रिटर्न प्रस्तुत करने की तारीख वही मानी जाएगी जब फॉर्म आईटीआर-वी इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाटा ट्रांसमिट करने की तारीख के 30 दिनों के भीतर जमा किया जाएगा. आयकर कानूनों के अनुसार, यदि आईटीआर को दाखिल करने के बाद अगर सत्यापित नहीं किया जाता है तो इसे वैध नहीं माना जाएगा. नियम के अनुसार आप इसे छह तरीकों से सत्यापित कर सकते हैं. आमतौर पर आईटीआर-1, आईटीआर-2 और आईटीआर-4 के ऑडिट की आवश्यकता नहीं होती है. आधार ओटीपी के जरिए, नेट बैंकिंग के जरिए ई-फाइलिंग अकाउंट में लॉग इन कर, बैंक अकाउंट नंबर के जरिए ईवीसी, डीमैट खाता संख्या के जरिए ईवीसी, बैंक एटीएम के जरिए ईवीसी, सीपीसी, बेंगलुरु को डाक के जरिए ITR-V की साइन कॉपी भेजकर आईटीआर ई-वेरीफाई सकते हैं.
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