रायपुर. स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की स्थिति का जायजा लेने आकस्मिक रूप से मंदिर हसौद हायर सेकंडरी स्कूल पहुंचे शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस भारतीदासन ने बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रबंधन की खामियों के चलते गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने शाला संचालन की अव्यवस्था के लिए शाला प्राचार्य की दो वेतन वृद्धि तथा व्याख्याता की एक वेतन वृद्धि तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश दिए हैं. निरीक्षण के दौरान समय पर ड्यूटी पर न आने के मामले में 10 कर्मियों जिसमें 7 शिक्षक, एक लिपिक, 2 भृत्य शामिल हैं, का आधे दिन का वेतन काटने की कार्रवाई भी की गई है. गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. भारतीदासन स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं शैक्षिक व्यवस्था का जायजा लेने औचक रूप से शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल मंदिर हसौद और शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल परसदा पहुंचे थे.
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हायर सेकंडरी स्कूल मंदिर हसौद में शैक्षिक एवं प्रबंधन संबंधी अव्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने शाला प्राचार्य श्रीमती प्रेमशिला एक्का को कड़ी फटकार लगाई और शासन के नियम-निर्देशों के अनुसार शाला में शैक्षिक गतिविधियों के संचालन में बरती जा रही लापरवाही चलते उनकी दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए हैं. शाला में शासन द्वारा प्रदत्त निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का बच्चों को वितरण न कराकर शाला में डम्प रखने के मामलों को लेकर उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार एलबी व्याख्याता श्रीमती भुवनेश्वरी यादव से भी जवाब-तलब किया और उसकी एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए. निरीक्षण के दौरान स्कूल में समय पर न होने वाले जिन 10 कर्मियों की आधे दिन की वेतन काटने की कार्रवाई की गई है, उनमें श्रीमती प्रमिला वर्मा, एसके वर्मा, श्रीमती माला रानी मिश्रा, श्रीमती स्मृति सिंह, श्रीमती मेघा कुसर, श्रीमत हेमलता दीवान, ओंकेश्वर सोनवारी, श्रीमती संगीता ढीढी, हरिराम धृतलहरे और भूपेन्द्र कुमार शामिल हैं.







