আবহাওয়া আইপিএল-2025 টাকা পয়সা পশ্চিমবঙ্গ ভারত ব্যবসা চাকরি রাশিফল স্বাস্থ্য প্রযুক্তি লাইফস্টাইল শেয়ার বাজার মিউচুয়াল ফান্ড আধ্যাত্মিক অন্যান্য
---Advertisement---

धान खरीदी की लिमिट घटाने से किसानों में गुस्सा, समितियां भी परेशान!

Published on: December 15, 2019
---Advertisement---
सौरभ गोयल

सरायपाली. एक तरफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल धान खरीदी की लिमिट समाप्त करने की घोषणा करते हैं तो वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने समितियों को तय लिमिट से भी कम धान खरीदी करने के आदेश देकर किसानों के साथ-साथ समितियों की भी परेशानी बढ़ा दी है. ग्रामीण कृषि सेवा सहकारी समिति लंबर के अंतर्गत संचालित धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी की लिमिट कम कर दिए जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है. समिति द्वारा प्रतिदिन उन्नीस सौ क्विंटल धान की खरीदी किए जाने लिमिट तय की गई थी. अब 1700 क्विंटल धान खरीदने के नए नियम से किसानों का समय पर धान बेच पाना मुश्किल हो गया है. गत दिनों टोकन काटने के समय किसानों का टोकन नहीं कटने से क्षेत्र के कई किसानों ने समिति कार्यालय के समक्ष हंगामा खड़ा कर दिया.

http://सभी घरों में 24 घंटे पानी और मच्छरमुक्त शहर समेत भाजपा की 15 घोषणाएं

किसानों ने लिमिट खत्म करने की मांग और शासन की नित नए बदल रहे नियम को लेकर आक्रोश व्यक्त किया. किसानों का कहना है कि 2 हफ्ते में 465 किसानों से 21703 क्विंटल धान की खरीदी हो पाई है. जबकि समिति के अंतर्गत करीब 1954 किसान धान खरीदी हेतु पंजीकृत हैं. धान खरीदी 1700 क्विंटल के हिसाब से की जाती है तो 30 जनवरी तक मुश्किल से 70 हजार क्विंटल की ही खरीदी हो पाएगी जबकि 1 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है. लंबर सहकारी समिति के अंतर्गत 20 गांवों के 1954 के साथ धान बेचने हेतु पंजीकृत हैं. जिनमें से करीब 1 लाख क्विंटल धान का उपार्जन किया जाना है. चार-चार गांवों का समूह बनाकर हफ्ते में एक दिन बेचने के लिए किसानों को पाली मिल पाती है. इस तरह से पूरे धान खरीदी सीजन में एक गांव को 8 दिन का समय ही मिल पाएगा.

http://एक्ट्रेस पायल रोहतगी गिरफ्तार, नेहरू परिवार पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

एक पखवाड़ा से अधिक समय बीत चुका है अब तक मात्र 465 किसानों से 21 हजार क्विंटल धान की खरीदी हो पाई है. अब भी 1500 किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. किसानों की सुविधा को देखते हुए दो धान खरीदी केंद्र खोले जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है. रोहिना में एक और धान खरीदी केंद्र खोले जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है.  समर्थन मूल्य पर की जारी धान खरीदी का एक पखवाड़ा से अधिक समय बीत चुका है पर अब तक न तो मिलर्स द्वारा कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव किया गया है और न ही संग्रहण केंद्र के लिए धान का उठाव हुआ है. वर्तमान में फड़ में हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है. समय पर उठाव नहीं हुआ तो समिति को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

जुड़िए हमसे….
https://www.facebook.com
https://cgjanadesh.com
https://cgjanadesh.com/category
8871342716

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now