पिथौरा. समीप के वनांचल क्षेत्र में बसे वन ग्राम पंचायत मुरुमडीह में नवनिर्वाचित सरपंच ने सरकारी योजनाओं के अमल को आइना दिखाते हुए स्वयं के खर्च पर ही एक आंगनबाड़ी केंद्र खोल लिया. ज्ञात हो कि लंबे समय से क्षेत्र के ग्रामीण मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक, सांसद सहित अफसरों से आंगनबाड़ी केंद्र खोलने की मांग करते-करते परेशान हो गए थे. किसी जनप्रतिनिधि में काम करने का जज्बा हो तो उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं होता. कसडोल विकासखंड के दूरस्थ एवं पिथौरा के नजदीकी ग्राम पंचायत मुरुमडीह के उप चुनाव में हाल ही में सरपंच बनीं विसनी यादव ने अपने स्वयं के खर्च से अस्थाई रूप से आंगनबाड़ी केंद्र प्रारंभ कर दिया. जिसका उद्घाटन भी फीता काटकर किया गया एवं समस्त आने वाले खर्च को सरपंच ने वहन करने का निर्णय लिया.
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इस अवसर पर गांव के प्रमुख ग्रामीण उपस्थित थे. ग्राम मोहंदा के दिनेश ठाकुर ने बताया कि सरपंच पदभार ग्रहण करते ही विसनी यादव ने देखा कि ग्राम के बालक-बालिकाएं ग्राम पंचायत मुरुमडीह में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने के कारण ग्राम के छोटे बच्चों का भविष्य अधर में है. बाद उन्होंने ग्राम की कुछ शिक्षित महिलाओं से चर्चा कर एक योजना बनाई और उस पर अमल करते हुए अपने ही व्यय से ग्राम में एक आंगनबाड़ी केंद्र खोल दिया. अब ग्राम के नन्हे इस आंगनबाड़ी में शिक्षा ग्रहण करेंगे. सरपंच द्वारा स्वयं के खर्च पर प्रारंभ किए गए आंगनबाड़ी केंद्र में पहले दिन से ही 25 बच्चों ने प्रवेश लिया है. महिला सरपंच का कहना है कि वे तब तक अपने निजी खर्च से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित करती रहेंगी जब तक शासन ग्राम के बच्चों के हित में एक आंगनबाड़ी केंद्र खोल न दें.







