रायगढ़. अधिवक्ताओं ने रायगढ़ तहसीलदार सुनील अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संघ के सदस्यों ने राजस्व न्यायालय के अंदर हल्ला बोल दिया. वहीं कर्मचारी संगठन भी विरोध में कार्यालय बंद कर धरने पर बैठ गए हैं. आक्रोशित अधिवक्ताओं ने एक चपरासी से मारपीट करने का आरोप लगाया है. इस दौरान अपशब्दों का भी खुलकर प्रयोग हुआ. अधिवक्ताओं का आरोप है कि कल एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान तहसीलदार सुनील अग्रवाल ने अधिवक्ता जितेंद शर्मा के साथ अभद्र व्यवहार किया. साथ ही अपने चपरासी को निर्देशित कर अधिवक्ता जितेंद्र शर्मा को धक्के मार कर बाहर निकाल दिया और उनसे मारपीट की गई. फिर उन्हे चक्रधर नगर थाने भी ले जाया गया.
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इस मामले को लेकर आज अधिवक्ता संघ ने मोर्चा खोल कर राजस्व न्यायालय का घेराव कर दिया. इस दौरान तहसीलदार सुनील अग्रवाल के मुर्दाबाद के नारे भी लगे. अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर तहसीलदार सुनील अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई नही होती है तो संघ हड़ताल करने को बाध्य होगा. इधर, तहसीलदार सुनील अग्रवाल के उनके गृह क्षेत्र में पदस्थापना को लेकर भी अधिवक्ता संघ ने प्रश्न चिन्ह लगा दिया है. इस संबंध में अपर कलेक्टर आरए कुरुवंशी ने कहा कि मामले की जानकारी ली जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. चाहे वो तहसीलदार हो या वकील, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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गौरतलब है कि कल एक अधिवक्ता के साथ तहसीलदार सुनील अग्रवाल ने अभद्र व्यवहार किया था. सारंगढ़ में पदस्थापना के दौरान भी तहसीलदार पर गलत व्यवहार का आरोप लग चुका है. कल तहसीलदार के कहने पर चपरासी द्वारा अधिवक्ता से मारपीट के आरोप पर अधिवक्ताओं ने चपरासी से मारपीट की. तहसील व जिला कार्यालय के कर्मचारियों ने विरोध में काम बंद कर दिया है. वे कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक दोषी अधिवक्ता पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक काम बंद रहेगा. वहीं यहां आंच खरसिया तक पहुंची और खरसिया के अधिवक्ताओं ने भी अपना समर्थन देते हुए विरोध एवं प्रदर्शन किया.







