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366 करोड़ के डायरी कांड का खुलासा, सेवानिवृत्ति के बाद संविदा नियुक्ति नहीं मिली तो मंत्री-अफसरों के नाम लिखी घपले की कहानी

Published on: January 15, 2022
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रायपुर. शिक्षा विभाग की कथित घोटाले वाली डायरी मामले में पुलिस ने पूर्व डीईओ जीआर चंद्राकर और उनके साथी होम्योपैथी कॉलेज के सचिव संजय कुमार ठाकुर और टायपिस्ट कपिल कुमार देवदास को गिरफ्तार किया है. एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी चंद्राकर को रिटायरमेंट के बाद संविदा पर पोस्टिंग चाहिए थी. ये पोस्ट नहीं मिली तो इसने जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा, संयुक्त संचालक केसी काबरा, तत्कालीन ओएसडी आरएन सिंह, एबीईओ प्रदीप शर्मा और मंत्री के निज सचिव अजय सोनी के खिलाफ एक घोटाले की कहानी रची. एक डायरी में मंत्री प्रेमसाय टेकाम का नाम लिखकर हजारों कर्मचारियों से पोस्टिंग, ट्रांसफर के नाम पर रुपए लेने की बात लिखी. कुल 366 करोड़ के लेन-देन का जिक्र किया.

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एक शिकायत पत्र तैयार करके इसमें लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक आशुतोष चावरे के नाम का इस्तेमाल किया. ये शिकायती पत्र कई अफसरों, मीडिया हाउस और नेताओं को डाक के जरिए भेज दिए. पुलिस के मुताबिक जीआर चंद्राकर ने घपले की शिकायत का फर्जी लेटर असली लगे इसके लिए अपने साथी कपिल कुमार की मदद ली. कपिल को अफसर आशुतोष चावरे के नाम से शिकायत टाइप करने और उप संचालक लोक शिक्षण के नाम से सील तैयार करने के लिए 2500 रुपए दिए. इसी के आधार पर फर्जी शिकायती पत्र तैयार करके वायरल किया गया. चंद्राकर ने अपने साथी संजय सिंह के साथ मिलकर कई लोगों का नाम लिखकर लेन-देन की बात एक डायरी में लिखी, बाद में इस डायरी को जलाकर नष्ट कर दिया. कुछ दस्तावेज संजय के पास ही थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है.

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चंद्राकर शिक्षा विभाग में अफसर था, उन्होने ट्रांसफर, पोस्टिंग में उन्हीं कर्मचारियों और अफसरों के नाम का इस्तेमाल किया जिनका असल में ट्रांसफर या पोस्टिंग की गई है, ताकि मामला असली लगे. पिछले कुछ दिनों में डाक के जरिए अपनी बनाई डायरी की डिटेल और फर्जी शिकायती पत्र मीडिया और नेताओं को भेजने में तीनों कामयाब रहे. पर जब उप संचालक लोक शिक्षण आशुतोष चावरे ने थाने में जाकर ये शिकायत कर दी कि उनके नाम से जो शिकायती खत इधर-इधर भेजे जा रहे हैं उसमें उनके हस्ताक्षर नहीं हैं, तो मामला खुला. पुलिस ने डाक में आई चिटि्ठयों को भेजने वालों का पता लगाया, CCTV कैमरों की जांच से पुलिस के हाथ कपिल तक पहुंचे और कपिल ने सारा राज उगलकर चंद्राकर और संजय सिंह को भी पकड़वा दिया.

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